Fact Check: अमेरिका में खालिस्तान समर्थक की गिरफ्तार के पुराने वीडियो को जी7 सम्मेलन से जोड़ किया जा रहा शेयर
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Fact Check: अमेरिका में खालिस्तान समर्थक की गिरफ्तार के पुराने वीडियो को जी7 सम्मेलन से जोड़ किया जा रहा शेयर

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बीते 15 से 17 जून तक कनाडा के कनानास्किस में जी-7 सम्मेलन आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ लोग खालिस्तान का झंडा लेकर सड़क किनारे खड़े हैं। बाद में पुलिस सड़क किनारे खड़े लोगों को गिरफ्तार कर लेती है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कनाडा में नरेंद्र मोदी के पहुंचने से पहले खालिस्तानियों की पिटाई शुरू हो गई है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो अमेरिका के न्यूयॉर्क का है। इसके साथ ही यह वीडियो नौ महीने पुराना है। दरअसल, पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी अमेरिका दौरा पर गए थे। इसी दौरान न्यूयॉर्क में पुलिस ने खालिस्तान समर्थक एक समूह को प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।  

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जी-7 सम्मेलन से पहले कनाडा में खालिस्तानियों को काबू किया जा रहा है। 

पनवार रचना (@rachnapanwar33) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “कनाडा में मोदी जी के पहुंचने से पहले खालिस्तानियो की कुटाई शुरू हो गई .. G7 सम्मेलन से पहले खालिस्तान वाले विरोध कर रहे थे, धमकी दे रहे थे ..अब उनके ख़िलाफ़ ऐक्शन लिया जा रहा है !” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें कनाडा के खोजी पत्रकार मोचा बेजिरगान के एक्स हैंडल पर यह वीडियो मिला। वीडियो 22 सितंबर 2024 को पोस्ट किया गया था। वीडियो शेयर कर उन्होंने बताया न्यूयॉर्क के नासाऊ काउंटी में पुलिस ने खालिस्तानी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार किया। इससे पहले पुलिस ने नासाऊ वेटरन्स मेमोरियल कोलिज़ीयम के आसपास से भड़काऊ प्रचार सामाग्री को हटा दिया, जहां भारत के प्रधानमंत्री मोदी के आने की उम्मीद है।

आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 सितंबर 2024 को प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूयॉर्क पुलिस ने एक खालिस्तानी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एक समूह को नासाउ काउंटी में निर्दिष्ट “फ्री स्पीच ज़ोन” का उल्लंघन करने से रोका है। पुलिस ने न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामुदायिक कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश कर रहे समूह के कथित प्रयासों को विफल कर दिया।  

इसके बाद हमें इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 सितंबर 2024 को प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में वायरल वीडियो के एक किल्प भी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कनाडा के मीडिया बेजिरगन के अनुसार, न्यूयॉर्क के नासाउ काउंटी में पुलिस ने एक खालिस्तानी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार किया। नासाउ कोलिज़ियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान एक समूह को निर्दिष्ट ” फ्री स्पीच ज़ोन ” का उल्लंघन करने से रोका गया। यह घटना तब हुई जब पीएम मोदी भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दे रहे थे।  

यहां से साफ होता है कि वायरल वीडियो अमेरिका के न्यूयॉर्क का है । इसके साथ ही यह घटना नौ महीने पुरानी है। इसे कनाडा के खालिस्तान समर्थक से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को नौ महीने पुराना पाया है। यह वीडियो अमेरिका के न्यूयॉर्क का है। इस वीडियो का मोदी के कनाडा जाने से कोई सबंध नहीं है।



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