अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हो रहे प्रदर्शन के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें गाड़ियां जलती हुई नजर आ रही हैं। इस वीडियो को अमेरिका के लॉस एंजिलिस का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका में पुलिस के वाहन में आग लगा दी है। कहा जा रहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। जांच के दौरान पता चला कि वीडियो पुराना है। इसका लॉस एंजिलिस में हो रहे प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है। हमने पाया कि यह वीडियो वास्तव में मई 2020 का है और जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित है। भ्रम फैलाने के लिए पुराने वीडियो को शेयर किया जा रहा है।
आपको बता दें कि अमेरिका में अप्रवासन विभाग जगह-जगह तलाशी अभियान चलाकर अवैध अप्रवासियों को गिरफ्तार कर रहा है। लॉस एंजिलिस में भी अप्रवासन विभाग ने बीते सप्ताह में 118 लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे नाराजगी के चलते सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग अप्रवासन विभाग के डिटेंशन सेंटर्स के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्हीं प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़का। राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को कैलिफोर्निया के गवर्नर और लॉस एंजिलिस के मेयर पर अक्षम होने का आरोप लगाते हुए दंगा नियंत्रण के लिए नेशनल गार्ड्स की तैनाती करने का फैसला किया। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजकम ने राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र लिखकर नेशनल गार्ड्स की तैनाती हटाने की मांग की है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वीडियो लॉस एंजिलिस में बिगड़ती स्थिति की है। हजारों की संख्या में ICE विरोधी प्रदर्शनकारियों ने लॉस एंजिलिस की सड़कों पर कब्जा कर लिया है और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें की हैं।
HITNEWSLATEST (@HITNEWSWORLD) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करके लिखा “अर्जेंट – लॉस एंजिलिस में स्थिति बिगड़ती जा रही है: हजारों की संख्या में ICE विरोधी प्रदर्शनकारियों ने #लॉसएंजिलिस की सड़कों पर कब्जा कर लिया है, और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें की हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें 2020 में छपी एनबीसी 4 की एक रिपोर्ट में यह वीडियो देखने को मिला। एनबीसी4 अमेरिका का एक मीडिया चैनल है। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “सांता एना में प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर विस्फोटक पदार्थ फेंके। सांता एना में लगभग 250 से 300 लोगों ने जॉर्ज फ्लॉयड की हिरासत में मौत का विरोध किया, जिनमें से कुछ ने पुलिस अधिकारियों पर विस्फोटक पदार्थ भी फेंके। सांता एना पुलिस के कॉरपोरल एंथनी बर्टाग्ना ने बताया कि 150 से 200 लोगों की भागीदारी वाले दो विरोध प्रदर्शनों में से पहला विरोध प्रदर्शन मैकफैडेन एवेन्यू और ब्रिस्टल स्ट्रीट पर रात 8 बजे शुरू हुआ।”
यहां से पता चला कि वीडियो हाल ही में लॉस एंजिलिस में हो रहे प्रदर्शन का नहीं है। वीडियो 2020 से इंटरनेट पर मौजूद है। इससे जुड़ी रिपोर्ट में यहां मौजूद है।
आगे हमें डेली मेल जो यू.के. में सबसे प्रचलित अखबारों में से एक है, में 2020 में इससे संबंधित एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के अनुसार मिनियापोलिस में 46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से पूरे अमेरिका में विरोध प्रदर्शन और दंगे भड़क उठे हैं, जब एक श्वेत पुलिसकर्मी ने आठ मिनट तक अपने घुटने से फ्लॉयड की गर्दन को दबाया था। इसके बाद लॉस एंजिलिस में हिंसा भड़क उठी। एंजिलिस शहर में कई जगहों में आग लगा दी गई।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो लॉस एंजिलिस में प्रवासियों को जबरन बाहर करने के विरोध में हाल ही में हो रहे प्रदर्शन का नहीं है। बल्कि 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में हुई हिंसा का है।








