सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में लोगों की भारी भीड़ सड़क पर नजर आ रही है। इसके साथ ही इस्राइल के झंडे भी नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के लोग यहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि नेतन्याहू जल्द इस्तीफा दें।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीरें अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस्राइल में प्रधानमंत्री नेतन्याहू के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
हसनटे (@Hassanttay) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ”आज इस्राइली लोग नेतन्याहू के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं ! वे चाहते हैं कि वह इस्तीफा दें।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले पहली तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें बीबीसी की एक रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। यह रिपोर्ट 12 मार्च 2023 को प्रकाशित की गई है। यहां बताया गया है कि शनिवार रात को लाखों इस्राइली नागरिकों ने सरकार की न्यायिक योजनाओं के खिलाफ रैली निकाली, जिसे आयोजकों ने इस्राइल के इतिहास में सबसे बड़ा सड़क विरोध प्रदर्शन बताया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि ये बदलाव अदालतों की शक्ति को सीमित करेंगे। सरकार की विभिन्न शाखाओं के बीच संतुलन बहाल करेंगे। विरोधियों का कहना है कि ये लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। इसी घटना से संबंधित अन्य रिपोर्ट आप यहां पढ़ सकते हैं।
इसके बाद हमने दूसरी तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें अल जजीरा की रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल तस्वीर को देखने को मिली। यह रिपोर्ट 16 जुलाई 2023 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट मेंं बताया गया है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार द्वारा न्यायपालिका में सुधार की योजना को आगे बढ़ाने के मद्देनजर, तेल अवीव और अन्य इजरायली शहरों की सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारियों ने रैलियां की हैं। इसके साथ ही कई दिनों तक व्यवधान की बात कही है। इस घटना से संबंधित अन्य खबर यहां पढ़ सकते हैं।
तीसरी तस्वीर की पड़ताल
तीसरी तस्वीर की पड़ताल के दौरान हमें ओपीबी की रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल तस्वीर को देखने को मिली। यह रिपोर्ट 26 मार्च 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल के दिनों में, पूरे देश में इस्राइल नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं, जो 2023 में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से कुछ हैं। वे इस्राइल और हमास के बीच सभी बंधकों को रिहा करने के लिए एक समझौते की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही न्यायपालिका को कमजोर करने के सरकारी प्रयासों के खिलाफ भी प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, शनिवार को तेल अवीव, यरुशलम और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शनों में 100,000 से अधिक लोग शामिल हुए। लगातार कई दिनों तक, हजारों लोग यरुशलम में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निजी आवास की ओर मार्च करते हुए उसे घेर लिया, इस्राइली झंडे लहराते हुए या नए चुनावों की मांग करने वाले और इस्राइली सरकार पर अपने लोगों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाने वाले बैनर लिए हुए थे। इस घटना से संबंधित अन्य रिपोर्ट आप यहां पढ़ सकते हैं।
चौथी तस्वीर की पड़ताल
चौथीतस्वीर की पड़ताल के दौरान हमें डब्ल्यूएलआईडब् की रिपोर्ट मिली। यहां हमें वायरल तस्वीर को देखने को मिली। यहां रिपोर्ट 2 सितंबर 2024 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोमवार का दिन इस्राइल में अराजक रहा, क्योंकि नेतन्याहू सरकार के अनैतिक और गुमराह करने वाले रुख के विरोध में देशव्यापी हड़तालें हुईं, जिसके लिए कई इस्राइली इस सप्ताहांत गाजा में 6 इस्राइली बंधकों की हत्याओं को जिम्मेदार ठहराते हैं। संघर्ष विराम वार्ता के विफल होने के बाद हुई उन मौतों ने सैकड़ों हजारों इस्राइलियों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीरों को पुरानी और अलग-अलग घटनाओं का पाया, जिन्हें अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है।








