सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि स्ट्रेचर पर लेटा हुआ एक मरीज चलती एम्बुलेंस से स्ट्रेचर सहित बीच सड़क पर गिर जाता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक स्ट्रेचर पर लेटा हुआ एक मरीज स्ट्रेचर सहित चलती एम्बुलेंस से बीच सड़क पर गिर जाता है।
महक यादव नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ”सोचिये आप उत्तर प्रदेश में हैं क्या ये रामराज्य की तस्वीर होनी चाहिए।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने वीडियो की पड़ताल के लिए ध्यान से देखा। इस दौरान हमें वीडियो में कई विसंगतियां नजर आईं। जैसे एम्बुलेंस में सिर्फ एक ही दरवाजा नजर आता है, दूसरा दरवाजा गायब हो जाता है। इसके साथ ही हमने देखा कि एम्बुलेंस तेज रफ्तार में होने के बावजूद जब मरीज इससे गिरता है तो स्ट्रेचर पर वैसा ही लेटा रहता है और स्ट्रेचर से गिरता नहीं है। यहां से हमें वीडियो के एआई होने का संदेह हुआ। वीडियो के पड़ताल के लिए हमें हाइव टूल का इस्तेमाल किया। इस दौरान हमें टूल ने वायरल वीडियो को 99. 9 फीसदी एआई से बना पाया है।
आगे की पड़ताल में हमने वायरल वीडियो को wasitai टूल पर सर्च किया। इस दौरान टूल ने वायरल वीडियो को एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया।








