Fact Check: एससीओ सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी से नहीं मिलाया हाथ? पड़ताल में पढ़ें पूरा सच
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Fact Check: एससीओ सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी से नहीं मिलाया हाथ? पड़ताल में पढ़ें पूरा सच

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन गए हैं। उन्होंने रविवार यानी 31 अगस्त को तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के नेताओं के शिखर सम्मेलन के अवसर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद और उससे उत्पन्न चुनौतियों का मुद्दा उठाया। इसी बीच सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी की एक वीडियो वायरल हो रही है। वीडियो में नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी अपने हाल ही की चीन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन जिनपिंग ने मोदी को अनदेखा कर दिया।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया वायरल वीडियो एक साल पुराना है। इसके साथ ही वीडियो को आधा-अधूरा शेयर किया जा रहा है। दरअसल, पिछले साल अक्तूबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। उस दौरान दोनों ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे से हाथ मिलाया। एससीओ सम्मेलन में भी दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के हाथ मिलाया है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एससीओ सम्मेलन में शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी से हाथ नहीं मिलाया है।

मनीष तिवारी (@livemanish_) नाम के एक्स यूजर ने लिखा जिनपिंग भाव नहीं दे रहा है बस फॉर्मेलिटी प्ले कर रहे हैं.! और साहब से कंट्रोल नहीं हो रहा है,, शर्म भी नहीं आती है 20 मौतों को भूलकर दांत निपोर रहे हैं..! पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें समाचार एजेंसी एएनआई  की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 अक्तूबर 2024 को प्रकाशित की गई है। वीडियो में दोनो नेता हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के कजान शहर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। तातारस्तान की राजधानी में हुई यह बैठक दोनों नेताओं के बीच पांच वर्षों में पहली औपचारिक बातचीत थी। यह पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलसीओ) पर नियमित गश्त फिर को शुरू करने के लिए दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद हुई।

इसके बाद हमने एससीओ सम्मेलन में मोदी और शी जिनपिंग के बारे में सर्च किया। इस दौरान हमें  फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के आधिकारिक स्वागत समारोह में पहुंचे, जहां चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दिन की उनकी दूसरी बैठक है, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला की वीडियो डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों नेताओं ने एससीओ बैठक के इतर भी आपसी बातचीत की। इस दौरान दोनों ने एक दूसरे से हाथ मिलाया। इसके साथ ही इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत पूर्व की दो प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश हैं, और हम ग्लोबल साउथ के भी महत्वपूर्ण सदस्य हैं। हम दोनों अपने लोगों की भलाई में सुधार लाने, विकासशील देशों की एकजुटता और कायाकल्प को बढ़ावा देने, और मानव समाज की प्रगति को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाते हैं।

पड़ताल का नतीजा 


हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है, जिससे एससीओ सम्मेलन से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।  



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