सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ लोग भारत का तिरंगा लेकर किसी जूलूस में शामिल हुए हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाकिस्तान के बलूचिस्तान का है। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अब बलूचिस्तान में भी राष्ट्र स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) तेजी से सक्रिय हो रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पाकिस्तान के बलूचिस्तान का नहीं है। यह वीडियो गुजरात के सूरत का है। वहां के लोगों ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के सफल होने के बाद तिरंगा यात्रा निकली थी।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बलूचिस्तान में आरएसएस तेजी से सक्रिय हो रहा है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि वायरल हो रहा वीडियो बलूचिस्तान का हैै।
विकास हिंदू (@Vikas20773265) नाम के एक्स यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा “बलूचिस्तान में आरएसएस का पद संचलन आपने नाम सुना होगा RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ये आजकल बलूचिस्तान में एक्टिवेट हो गया है देखिये”। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने वीडियो की पड़ताल करने के लिए वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया यहां हमें आधान हिंदी नाम के एक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो देखा, जो 17 मई को प्रकाशित किया गया था। वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि गुजरात में मुस्लिम समुदाय ने तिरंगा यात्रा निकाली है।

आगे के पड़ताल में वीडियो में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें इंस्टेंट बॉलीवुड नाम के के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो मिला, जिसमें हमें वायरल हो रहे वीडियो की एक क्लिप भी मिली। वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि सूरत में ऑपरेशन सिंदूर के लिए तिरंगा यात्रा निकाली गई है।
आगे हमें कीवर्ड से सर्च करने पर यह वीडियो वीटीवी गुजराती नाम के एक यूट्यूब चैनल पर देखने को मिला। यह गुजराती भाषा का एक न्यूज चैनल है। चैनल के यूट्यूब पर वीडियो को शेयर करके लिखा गया था “ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद सूरत में तिरंगा यात्रा (भागल क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल के नेतृत्व में निकाली गई यात्रा, शहरी सामाजिक संगठन, भाजपा कार्यकर्ता व युवा हुए शामिल, भागल चार रास्ता से चौक बाजार तक निकाली गई यात्रा)” शेयर किए गए इस वीडियो में वायरल विजुअल मौजूद थे। वीडियो को 14 मई 2025 को प्रकाशित किया गया था।

पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से पता चलता है कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो गुजरात के सूरत का है। इसे बलूचिस्तान का बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।