सोशल मीडिया पर एक ब्रिज का वीडियो शेयर किया जा रहा है। ब्रिज एक पहाड़ी को दूसरी पहाड़ी से जोड़ता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह ब्रिज दिल्ली को श्रीनगर से जोड़ने का काम करेगा। यह भी दावा किया जा रहा है कि श्रीनगर से दिल्ली के बीच एनएच44 का काम पूरा हो चुका है। अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि एनएच44 के नाम से शेयर किया जा रहा वीडियो एनएच44 का नहीं है बल्कि चीन में मौजूद दफाकू ग्रांड ब्रिज है। चीन के ब्रिज को भारत का बताकर भ्रामक तरीके से शेयर किया जा रहा है।
जहां तक NH44 की बात है तो पहले इसे NH7 के नाम से जाना जाता था। यह भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है। यह 3,745 किलोमीटर (2,327 मील) तक फैला है, जो जम्मू और कश्मीर के उत्तरी सिरे पर श्रीनगर को भारत के सबसे दक्षिणी सिरे पर कन्याकुमारी से जोड़ता है। यह लगभग 30 शहरों को जोड़ने का काम करता है।
क्या है दावा
ब्रिज के वीडियो को भारत का एनएच44 का बताकर दावा किया जा रहा है कि एनएच44 ब्रिज बनकर तैयार हो चुका है।
SMW मीडिया और एंटरटेनमेंट नाम के एक फेसबुक अकाउंट से लिखा गया “श्रीनगर से दिल्ली NH44 का काम पूरा”
पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं। इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट आप नीचे देख सकते हैं…

इस तरह के कई और दावों के लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो 2 अक्टूबर, 2024 को amazingbeautifulchina नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट के पोस्ट में मिला। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “दफाकू ग्रैंड ब्रिज चीन में एक सुपर इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट है।”

दफाकू गैंड ब्रिज को कीवर्ड से सर्च करने पर हमें चाइना न्यूज नाम से एक एक्स पोस्ट में इस ब्रिज की कई और फोटो नजर आईं। इन तस्वीरों को शेयर करके इसके साथ एक कैप्शन लिखा गया था “दक्षिण-पश्चिमी चीन के #गुइझोउ प्रांत के ज़ुन्यी में स्थित 1,427 मीटर लंबा दफ़ाकू ग्रैंड ब्रिज एक बड़े-स्पैन वाला कंक्रीट से भरा स्टील ट्यूब आर्च ब्रिज है। रेनहुई-ज़ुन्यी एक्सप्रेस वे पर प्रमुख परियोजनाओं में से एक के रूप में, यह पुल ज़ुन्यी और रेनहुई के बीच की दूरी को कम करता है। इसे गुइझोउ निर्माण इंजीनियरों द्वारा बनाए गए इंजीनियरिंग चमत्कार के रूप में सराहा गया। #अमेजिंगचीन”

आगे हमने वायरल वीडियो और इंस्टाग्राम पर मिले विजुअल को मिलाने की कोशिश की। यहां हमें दोनों वीडियो में कई समानताएं नजर आई।

आगे हमें कई और मीडिया रिपोर्ट मिलीं जैसे ग्लोबल टाइम्स। इसमें वायरल हो रहे ब्रिज की फोटो मौजूद थी। वहां भी इस ब्रिज को चीन का दफाकू ग्रांड ब्रिज ही बताया गया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि चीन के दफाकू ग्रैंड ब्रिज का वीडियो जम्मू-कश्मीर को दिल्ली से जोड़ने वाले पुल के रूप में गलत तरीके से शेयर किया गया था।