सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक रॉकेट लॉन्च होते हुए नजर आ रहा है। लेकिन लॉन्च के कुछ सेकंड बाद ही रॉकेट जमीन पर गिर जाता है। वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में एक सैटेलाइट लॉन्च किया और इसका इंजन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बनाया। इसी कारण रॉकेट कुछ सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
अमर उजाल ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि इस रॉकेट का इसरो से कोई संबंध नहीं है। एरिस रॉकेट ऑस्ट्रलिया का पहला स्वदेशी रॉकेट है। इसको बुधवार (30 अगस्त) को लॉन्च किया गया। इसे ऑस्ट्रेलियाई कंपनी गिल्मोर स्पेस टेक्नोलॉजीज ने विकसित किया है।
क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के रॉकेट लॉन्च का इंजन इसरो ने बनाया था। इसी कारण से वह 14 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। साउथ एशियन फाइल्स नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, ”ऑस्ट्रेलिया का उपग्रह प्रक्षेपण के 14 सेकंड बाद ही विफल हो गया। रॉकेट में भारत में निर्मित इंजन लगा था। मोदी सरकार का दावा हकीकत के रेगिस्तान में धूल चाट रहा है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। इस दौरान हमें गिल्मोर स्पेस की प्रेस विज्ञप्ति मिली। यह विज्ञप्ति 30 जुलाई 2025 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि गिल्मोर स्पेस टेक्नोलॉजीज ने ऑस्ट्रेलिया के पहले स्थानीय रूप से डिजाइन और निर्मित कक्षीय रॉकेट का पहला परीक्षण प्रक्षेपण पूरा कर लिया है, जो वैश्विक स्तर पर छोटे उपग्रहों के लिए कम लागत वाली, प्रतिक्रियाशील प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक प्रमुख मील का पत्थर है।
इसके बाद हमें हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 जुलाई को प्रकाशित की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑस्ट्रेलिया का पहला स्वदेश निर्मित रॉकेट, बुधवार को प्रक्षेपण के मात्र 14 सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गिल्मोर स्पेस टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित एरिस रॉकेट को उत्तरी क्वींसलैंड में बोवेन के निकट एक अंतरिक्ष केंद्र से परीक्षण उड़ान पर प्रक्षेपित किया गया था। एरिस ऑस्ट्रेलिया का पहला डिजाइन और निर्मित कक्षीय प्रक्षेपण यान था, जो देश से प्रक्षेपित किया गया था, जिसका उद्देश्य छोटे उपग्रहों को कक्षा में ले जाना था।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल वायरल दावा को गलत पाया है। हमने पाया कि ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट का इंजन इसरो द्वारा निर्मित नहीं है। इसे शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।








