सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जेसिका रैडक्लिफ नाम की एक मरीन ट्रेनर पर एक मरीन पार्क में लाइव शो के दौरान एक ओर्का (किलर व्हेल) ने हमला कर उसे मार डाला। वीडियो में दिख रहा है कि ट्रेनर व्हेल के साथ करतब दिखा रही होती है और अचानक से दोनों पानी के अंदर चले जाते हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि इस तरह की कोई घटना हुई ही नहीं है। हमारी जांच में इस वीडियो को एआई की मदद से बना हुआ पाया गया। किसी भी मरीन पार्क या आधिकारिक वेबसाइट ने ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं दी है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मरीन पार्क में लाइव शो के दौरान एक ओर्का व्हेल ने अपनी जेसिका रैडक्लिफ नाम की अपनी ट्रेनर को मार डाला है।
बुरहान ख़िज़र (@MeerKp20450) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करे लिखा, “आखिरकार, मैंने जेसिका रैडक्लिफ़ का ओर्का वीडियो, जेसिका रैडक्लिफ़ का ओर्का हमला वीडियो, जेसिका के साथ दुर्घटना का वीडियो देखें।” (पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।)
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के इस मामले से जुड़े कीवर्ड से सर्च किया। यहां हमें इस मामले से जुड़ी हुई कोई भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट देखने को नहीं मिली। यहां हमें न्यूज 18 की इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “कोई भी आधिकारिक रिकॉर्ड, विश्वसनीय समाचार रिपोर्ट या विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध नहीं है जो रैडक्लिफ के ओर्का के हमले में मौत की पुष्टि कर सके। वोकल मीडिया के फैक्ट चेकर को मरीन पार्क के रोजगार के रिकॉर्ड, सार्वजनिक डेटाबेस या समुद्री सुरक्षा रिपोर्ट में भी उनके नाम का कोई उल्लेख नहीं मिला। आधिकारिक लॉग में पार्क में ऐसे किसी भी हमले का कोई विवरण नहीं है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया था।”
आगे की पड़ताल में हमें मिला कि टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी अपनी रिपोर्ट में इस वीडियो को नकली बताया है। जांच में किसी भी तरह से इस वीडियो के या इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
वीडियो के एआई से बने होने की जानकारी मिलने के बाद हमने भी इस वीडियो के एआई से बने होने का पता लगाने के लिए कैंटिलुक्स टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल से वीडियो या फोटो के एआई से बने होने का पता लगाया जा सकता है। हमें इस टूल में वीडियो को अपलोड किया। टूल की मदद से हमें पता चला कि वीडियो के एआई के माध्यम से बने होने की 97% संभावना है। टूल ने वीडियो को कई पैमानों पर जांचने के बाद बताया कि वीडियो एआई के माध्यम से बनाया गया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है।








