Fact Check: झूठा है महाकुंभ ड्यूटी के बाद कानपुर कमिश्नरेट से 161 पुलिसकर्मियों के लापता होने का दावा
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: झूठा है महाकुंभ ड्यूटी के बाद कानपुर कमिश्नरेट से 161 पुलिसकर्मियों के लापता होने का दावा

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सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जा रही है। इस पोस्ट को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ ड्यूटी के बाद कानपुर कमिश्नरेट से करीब 161 पुलिसकर्मी पिछले छह महीने से गायब चल रहे हैं। पुलिस ने बताया कि गायब हुए ये पुलिसकर्मी न तो अपने पते पर मिल रहे हैं और न ही अपने गांवों में। यहां तक कि इनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन का पता नहीं लग पा रहा है। इन पुलिसकर्मियों में कई कुंभ मेले में ड्यूटी के बाद से और कई 6 महीने से लापता हैं।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि वायरल हो रहा दावा गलत है। महाकुंभ की ड्यूटी से 161 पुलिसकर्मियों के गायब होने का दावा फर्जी है। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि ऑडिट के बाद पता चला कि विभिन्न थानों से 53 पुलिसकर्मी अनुपस्थित हैं।

  क्या है दावा 

  एक पोस्ट को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ के ड्यूटी से 161 पुलिसकर्मी गायब हो गए हैं। 

दिव्या कुमारी (@divyakumaari) नाम की एक्स यूजर ने लिखा “इससे अंदाजा लगाया जा सकता है वहां मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कितनी होगी जब गायब पुलिसकर्मी का आंकड़ा यह है। महाकुंभ ड्यूटी के बाद कानपुर कमिश्नरेट से करीब 161 पुलिसकर्मी पिछले छह महीनों से गायब चल रहे हैं। पुलिस ने बताया कि गायब हुए ये पुलिसकर्मी न तो अपने एड्रेस पर मिल रहे और न ही अपने गांवों में। यहां तक कि इनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन का पता नहीं लग पा रहा है। इन पुलिसकर्मियों में कई कुंभ मेले में ड्यूटी के बाद से और कई 6 महीने से लापता हैं। कौन कौन लापता: – 41 पुलिसकर्मी अलग-अलग ड्यूटी पर जाने के बाद से ‘गुम’ हैं। – 39 पुलिस वाले विभागीय कार्रवाई के बाद से ‘डिसलोकेट’ हैं। – 34 पुलिसकर्मी छुट्टी लेने के बाद से गैरहाजिर हैं। – 27 पुलिस वाले बीमारी की छुट्टी लेकर गए पर वापस नहीं लौटे। – 20 पुलिसकर्मी छह महीने बाद भी गैर जिले से वापस नहीं आए। पुलिस प्रशासन की ओर से इन सभी लापता पुलिसकर्मियों को दो बार नोटिस भी भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों ने यूपी पुलिस हेडक्वार्टर को भी सूचना दे दी है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते है।  

पड़ताल  

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड के माध्यम से इस तरह की मीडिया रिपोर्ट सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर के एक्स अकाउंट पर पुलिस उपायुक्त श्री एस. एम. कासिम आबिदी का पूरे मामले पर बयान मिला। बयान में बताया गया था कि 161 पुलिसकर्मियों के गायब होने के दावे के बाद जांच की गई जिसमें पता चला कि हमारे कुल 53 पुलिसकर्मी विभिन्न थानों व यातायात लाइन/पुलिस लाइन से अनुपस्थित/गैर हाजिर चल रहे है इनकी विभागीय जांच करवाई जा रही है जांच के बाद जो भी निष्कर्ष होगा उसके आधार पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल जो 161 पुलिसकर्मी का आंकड़ा निराधार/असत्य है। जांच के दौरान यदि यह सामने आता है कि अनुपस्थिति किसी गंभीर कारण (जैसे एक्सीडेंट या पारिवारिक समस्या) से हुई है, तो उसे ध्यान में रखा जाता है। लेकिन अगर जानबूझकर लापरवाही या अनुशासनहीनता पाई जाती है, तो संबंधित पुलिस रेगुलेशन एक्ट के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।



 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने अमर उजाला ने न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें पता चला कि कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने महाकुंभ से पुलिसकर्मियों के लापता होने की खबरों को निराधार और असत्य बताया है, जिसमें दावा किया गया था कि कुंभ मेले के बाद से 161 पुलिसकर्मी गायब हैं। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने स्पष्ट किया है कि जांच में केवल 53 पुलिसकर्मी ही विभिन्न थानों, यातायात लाइन, और पुलिस लाइन से गैरहाजिर पाए गए हैं। 

  पड़ताल का नतीजा  

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि 161 पुलिसकर्मियों के महाकुंभ मेले से लापता होने का दावा झूठा है। पुलिस ने इस दवा के जांच की तो 53 पुलिसकर्मियों को अनुपस्थित पाया जिसकी जांच चल रही है। 



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