भारत-पाकिस्तान के बीच हुए टकराव के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक गुंबद पर आग लगी हुई है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के हमले के बाद आगरा स्थित ताजमहल पर आग लग गई है। इस आग को बुझाने में दमकल की गाड़ियों को भी वीडियो में देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी मिसाइल हमले की वजह से ताजमहल पर आग लगी है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। पड़ताल में पता चला कि इस वीडियो में किसी भी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। आगरा पुलिस ने बताया कि वीडियो एआई के माध्यम से बनाया गया है। इसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने में भी लगी हुई है। पुलिस इस वीडियो को बनाने वाले लोगों का पता लगाने में लगी हुई है। हालांकि पुलिस की तरफ से यह साफ किया गया है कि वीडियो में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है इसे एआई के माध्यम से बनाया गया है।
आपको बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर कई ड्रोन हमले करने शुरू किए, जिसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को धूल चटाने के काम किया। इसी के साथ भारत ने पाकिस्तान के कई एयर बेस पर जवाबी हमला किया।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान के द्वारा भारत पर किए गए हमले में ताजमहल में आग लग गई।
बिल्लू बॉक्सर किंग नाम के एक इंस्टा अकाउंट से कहा गया 11 मई 2025 को इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया कि “पाकिस्तान वालों ने रात में करीब 10 बजे किया हमला” इसके लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले आगरा पुलिस का बयान देखा। आगरा पुलिस ने एक्स पर अपना बयान देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर ताजमहल पर आग लगने का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जो कि पूरी तरह से झूठ है। पुलिस ने बताया कि आगरा में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। यह वीडियो एआई जनरेटेड/फेक है। ऐसे पोस्ट करने वालों के विरुद्ध FIR दर्ज की जा रही है। कृपया इस वीडियो को शेयर न करें।

इस खबर की पुष्टि के लिए हमने अमर उजाला न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि वीडियो पूरी तरह से झूठा है। बताया गया कि मामले में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया जा रहा है, जिन लोगों ने वीडियो शेयर किया होगा, उनके बारे में जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के वीडियो पर लोग भरोसा नहीं करें। फर्जी वीडियो और संदेश पोस्ट करने के वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो एआई से बना हुआ है जिसमें झूठी जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है।