जम्मू-कश्मीर में दो दिन में रिकॉर्ड बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। श्रीमाता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग में हुए भूस्खलन में 34 लोगों की मौत हो गई। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पानी में कई घर बहते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो जम्मू का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो जम्मू का नहीं है। बल्कि नार्वे का है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कि वायरल वीडियो जम्मू का है।
अनुज सैनी (@anujsaini2793) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ क्या आपने कभी पहाड़ को देखा है आज देखो..! ये नजारा जाम का है।“ पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इसी तरह का एक अन्य दावे का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान द आयरिश सन की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 जुलाई 2020 को प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नॉर्वे के तट पर एक अजीब भूस्खलन के कारण कई घर समुद्र में समा गए। स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। 800 मीटर चौड़ी विशाल लहर ने आठ घरों और चट्टान के बड़े-बड़े टुकड़ों को बहा लिया।

इसके बाद हमेंं बीबीसी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जून में नॉर्वे के अल्ट शहर में हुए भूस्खलन के कारण आठ घर समुद्र में बह गए थे।

आगे की पड़ताल में हमें एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 5 जून 2020 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार को उत्तरी नॉर्वे के तट पर भूस्खलन के कारण घर समुद्र में बह गए। देश की राजधानी ओस्लो से लगभग 1,200 मील उत्तर में स्थित अल्टा नगरपालिका में भूस्खलन के कारण आठ इमारत पानी में बह गए।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है








