सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो शेयर हो रहा है। वीडियो में एक मस्जिद गिरते हुए नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नेपाल का है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को पाकिस्तान का पाया।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नेपाल मेंं एक मस्जिद को गिराया जा रहा है।
टाइगर राजा नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” नेपाल में धनुषा के सखुवा में मस्जिद स्वाहा। नेपाल के हिंदुओं को भी पता हे पत्थरबाजी की एक ही सजा अवैध मस्जिद जमीन से जुदा जमींन से जुदा। नेपाल के हिंदु ने शांतिदूतों को जवाब देना सिख लिया है।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें पाक टाइम नाम के फेसबुक आकउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 2 जनवरी 2026 को साझा किया गया है। इसके साथ ही यहां लिखा है कि दस्का की केंद्रीय जामिया मस्जिद के खिलाफ नव वर्ष उपहार अभियान।
आगे की पड़ताल में हमें Zmc news फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो 2 जनवरी 2026 को साझा किया गया है। इस वीडियो में हमें 19 सकेंड पर वायरल वीडियो से मिलते कुछ क्लिप देखने को मिली। इसके साथ ही यहां लिखा है कि दस्का के जैसरवाला इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान, अवैध रूप से निर्मित 60 दुकानें और 16 मकान ध्वस्त किए जाएंगे। इस दौरान दस्का कॉलेज रोड पर स्थित प्राचीन नूर मस्जिद को भी ध्वस्त कर दिया गया।
इसके बाद हमने नूर मस्जिद दस्का गूगल मैप पर सर्च किया। इस दौरान गूगल ने इस मस्जिद को पाकिस्तान का बताया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को पाकिस्तान का पाया है। इस वीडियो का नेपाल से कोई संंबंध नहीं है।








