सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में नरेंद्र मोदी एक गरीब महिला के साथ एक झोपड़ी में नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह झोपड़ी बनावटी है, जो दिखावे के लिए बनाया गया है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एक प्रदर्शनी की है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी एक महिला के साथ बनावटी झोपड़ी में नजर आ रहे हैं।
डॉ रागिनी नायक (@NayakRagini) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “सेटिंग झोपड़ी है नई पुताई वाली… फोकस में सिलाई मशीन है। वो भी नई लाइटिंग जबरदस्त है। नई हाई मस्त लाइट वाली नई दरी है, नए तकिए नई कतरन भी फैली है बेचारी गरीब महिला अपनी नई नवेली झोपड़ी में कार्ड पहनकर बैठी है और ‘दयानिधान’ की तरह इस मैन्युफैक्चर्ड झोपड़ी में लगी तस्वीर को निहार रहा है ‘महामानव’।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें नरेंद्र मोदी के एक्स हैेंडल पर वायरल तस्वीर देखने को मिली। यह पोस्ट 17 सितंबर 2023 को साझा की गई है। पोस्ट में लिखा है कि यशोभूमि में भारत की शिल्पकला विविधता प्रदर्शित!
इसके बाद हमें प्रधानमंत्री भारत के वेबसाइट पर वायरल तस्वीर देखने को मिली।
इसके बाद हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें पीआईबी की एक प्रेस विज्ञप्ति मिली। यह 17 सितंबर 2023 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के द्वारका में भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और एक्सपो केंद्र यशोभूमि के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित किया। यशोभूमि में एक भव्य कन्वेंशन सेंटर, कई प्रदर्शन हॉल और अन्य सुविधाएं हैं। उन्होंंने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना भी शुरू की। प्रधानमंत्री ने पीएम विश्वकर्मा लोगों,टैगलाइन और पोर्टल भी लॉन्च किया।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को प्रदर्शनी का पाया है।








