सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक महिला नवजात बच्चे को मुंह से सांस देते हुए नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो आगरा के एक अस्पताल का है जहां सुविधा न होने के कारण एक महिला डॉक्टर को 7 मिनट तक मुंह से सांस देकर बच्चे को बचा रही है। साथ ही वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वीडियो को पुराना पाया है। जांच के दौरान सामने आया कि वीडियो 2022 का है। हमारी पड़ताल में अस्पताल में किसी भी तरह की कोई कमी के बारे में भी हमें जानकारी नहीं मिली।
क्या है दावा
बच्चे को मुंह से ऑक्सीजन देते हुए एक महिला का वीडियो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में व्यवस्था न होने के कारण डॉक्टर को इस तरह बच्चे को बचाना पड़ा।
शमा परवीन (@ShamaParveen70) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “जब सिस्टम ने साथ छोड़ दिया और मशीनें खामोश हो गईं, तब आगरा की डॉ. सुलेखा चौधरी ने अपनी साँसों से एक नवजात को ज़िंदगी दी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन फेल होने पर 7 मिनट तक मुंह से ऑक्सीजन देकर बच्चे की जान बचाना यह इलाज नहीं, इंसानियत का सबसे ऊँचा इलाज है। डॉ. सुलेखा चौधरी सिर्फ डॉक्टर नहीं, कर्तव्य, साहस और मानवता की जीवित मिसाल हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस वीडियो पर कई मीडिया संस्थानों ने भी खबर चलाई है। इस खबरों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के सोशल मीडिया लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो यूपी पुलिस में अधिकारी सचिन कौशिक के एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। यहां उन्होंने इस वीडियो को 2022 में शेयर किया था। सचिन ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा था, “डॉक्टर सुलेखा चौधरी, पीडियाट्रीसियन, CHC, आगरा। बच्ची का जन्म हुआ लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बच्ची को पहले ऑक्सिजन सपोर्ट दिया, लेकिन जब उससे भी लाभ नहीं हुआ तो लगभग 7 मिनट तक ‘माउथ टू माउथ रेस्पिरेशन’ दिया, बच्ची में साँस आ गई।”
आगे सर्च करने पर हमें इस वीडियो की 2022 की मीडिया रिपोर्ट मिली। एबीपी न्यूज से 2022 में इस पर एक रिपोर्ट छापी थी जिसमें बताया गया था कि आगरा के एत्मादपुर में एक नवजात बच्चे और उसकी मां के लिए एक महिला डॉक्टर उस वक्त भगवान बन गई, जब उसने नवजात शिशु को अपने मुंह से सांस देकर उसकी जान बचा ली। ये बच्ची जन्म के बाद सांस नहीं ले पा रही थी, जिसके बाद डॉक्टर सुरेखा अपने मुंह से नवजात को तब-तक सांस देती रही जब तक वो उसे जीवन देने में कामयाब नहीं हो गईं।
जांच के दौरान हमें टीवी 9 भारतवर्ष पर 2022 में इस वीडियो की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि पीडियाट्रीसियन डॉक्टर सुरेखा चौधरी हैं, जिन्होंने लगभग 7 मिनट तक ‘माउथ टू माउथ’ रेस्पिरेशन देकर नवजात की जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक, आगरा के सीएचसी में जब बच्ची का जन्म हुआ, तब शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बच्ची को फौरन ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया, लेकिन जब उससे भी कुछ फायदा नहीं हुआ तब डॉक्टर सुरेखा ने नवजात को मुंह से सांस देना शुरू कर दिया। वो लगभग 7 मिनट तक ऐसा ही करती रहीं, जिसके बाद नवजात ने हरकत करना शुरू कर दिया।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2022 का है। जिसे अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है।








