सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बरेली में मुख्यमंत्री योगी की चेतावनी और यूपी पुलिस की कार्रवाई के बाद मुसलमान बेरली छोड़कर भाग रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो अगस्त का है। वहीं, बरेली में 26 सितंबर को प्रदर्शन और हिंसा हुई थी।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी और यूपी पुलिस की कार्रवाई के बाद मुसलमान बेरली छोड़कर भाग रहे हैं।
एसके न्यूज 24 सच्चाई की जीत नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा, “इनका भूत तो, बहुत जल्दी उतर गया.बरेली के तौकीर रजा के बहकावे में आकर पूरे देश से मुसलमान बरेली में इकट्ठा हुए थे। यूपी पुलिस अब कैमरों में पहचान कर कार्यवाही का आदेश दिया है, तब ये सब बरेली छोड़कर भाग रहे हैं,,,,” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें द लीडर हिंदी नाम के इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो मिला। यह वीडियो 21 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही लिखा है “ उर्स-ए-रजवी के बाद जंक्शन पर भीड़।”
इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 20 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में लिखा है “बरेली में आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का 107वां उर्स बुधवार को अकीदत के माहौल में मुकम्मल हो गया। इसमें शिरकत करने के लिए देश-विदेश से लाखों जायरीन पहुंचे। बुधवार दोपहर 2:38 बजे कुल की रस्म अदा की गई। इसी के साथ तीन दिवसीय उर्स का समापन हो गया। इसके बाद जायरीन की वापसी का सिलसिला शुरू हुआ तो शहर में सड़कों पर जनसैलाब दिखा। पुलिस-प्रशासन ने एहतियात के तौर पर डायवर्जन लागू किया।”
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो एक महीने पहले का है। वहीं, बरेली में बवाल 26 सितंबर को हुआ है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एक महीना पुराना पाया है। इस वीडियो का बरेली बवाल से कोई संबंध नहीं है।








