Fact Check: बिहार में आठ साल पहले आई बाढ़ की तस्वीर को पंजाब का बताकर किया जा रहा शेयर
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Fact Check: बिहार में आठ साल पहले आई बाढ़ की तस्वीर को पंजाब का बताकर किया जा रहा शेयर

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पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ से हालात खराब होते जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 23 जिलों में 1200 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है। हालात को देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदा प्रभावित घोषित किया है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में एक आदमी के गर्दन तक पानी भरा नजर आ रहा है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर पंजाब में आई बाढ़ के दौरान की है।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर आठ साल पुरानी बिहार की  है। दरअसल, 2017 में बिहार में बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई थी। इसके कारण बिहार में लगभग एक करोड़ लोग प्रभावित हुए थे। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर पंजाब में आई बाढ़ की है। 


बाबू लाल मेघवाल (@BabulalBharnaw4) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “सैटलाइट से सिर्फ धुंआ दिखता है तबाह होती हरियाणा की फसल और डूबता पंजाब नहीं दिखता  वाहेगुरु मेहर करी।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें द क्विंट की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 1 सिंतबर 2017 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में हमें वायरल तस्वीर देखने को मिली। इसके साथ ही इसमें बताया गया है कि इस महीने की शुरुआत बिहार में आई बाढ़ में कई लोगों की जान जाने के साथ हुई। यह पहला साल नहीं है जब राज्य बाढ़ से जलमग्न हुआ हो। साल दर साल, बाढ़ से यह ठप हो जाता है, जान-माल की हानि कुछ दिनों के लिए सुर्खियां बनती है, लेकिन अगले साल फिर से वही होने तक भुला दी जाती है। इस साल 30 अगस्त तक, बिहार में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 514 थी। इसके साथ ही तस्वीर के कैप्शन पर लिखा था “बिहार के अररिया जिले में एक व्यक्ति अपने अनाज को बचाए रखने की कोशिश कर रहा है। तस्वीर पीटीआई ने जारी की है।“  

 

 

आगे की पड़ताल में हमें स्क्रॉल की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 14 अगस्त 2017 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है “एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार , लगातार बारिश के कारण बिहार के गांवों में बाढ़ आई है। इस बाढ़ से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार , पिछले दो दिनों में अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में दस लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बाढ़ आ गई है क्योंकि नेपाल के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण ताप्ती और महानंदा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के लगभग 320 जवान तैनात किए गए हैं।” यहां भी पीटीआई द्वारा जारी इस इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। 

 

पड़ताल का नतीजा

हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल तस्वीर आठ साल पुरानी है। इस तस्वीर का पंजाब में आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।



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