Fact Check: मगरमच्छ की पीठ पर सवार होकर पुजारी का मंदिर जाने का वीडियो एआई से बना है, पड़ताल में पढ़ें सच
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Fact Check: मगरमच्छ की पीठ पर सवार होकर पुजारी का मंदिर जाने का वीडियो एआई से बना है, पड़ताल में पढ़ें सच

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि भगवा कपड़े पहने एक भिक्षु नदी के किनारे खड़े हुए नजर आते हैं। नदी में एक मगरमच्छ दिखाई देता है। भिक्षु मगरमच्छ की पीठ पर सवार होकर जाते हुए नजर आते हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह सनातन धर्म की ताकत है, जिसमें मगरमच्छ पुजारी महाराज को मंदिर तक अपनी पीठ पर ले जाता है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने वीडियो की जांच के दौरान पाया कि यह वीडियो वास्तविक नहीं है। इस वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। 

क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वीडियो सनातन धर्म की ताकत दिखा रहा है। इसकी वजह से एक पुजारी को मगरमच्छ अपनी पीठ पर बैठाकर मंदिर पर ले जा रहा है। 

दिशा राजपूत (@DishaRajput24) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “देखिए  सनातन धर्म की ताकत पुजारी महाराज को मंदिर तक अपनी पीठ पर ले जाता है यह मगरमच्छ।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो Buscando Conhecimento नाम के एक यूट्यूब चैनल पर देखने को मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “मगरमच्छ की सवारी” इस वीडियो के अंत में एक क्यूआर कोड दिया गया था। 

  इस कोड को स्कैन करने पर हम kuaishou नाम की एक वेबसाइट पर पहुंचे। यहां यह वीडियो मौजूद था। इसके साथ चीनी भाषा में एक कैप्शन लिखा था। kuaishou चीन का एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। कैप्शन का अनुवाद करने पर हमें पता चला कि वीडियो को काल्पनिक सामग्री बताया गया था। 

  इसके बाद वायरल वीडियो को जांचने के लिए हमने cantilux.com नामक एक AI परीक्षण वेबसाइट का इस्तेमाल किया। इस वेबसाइट ने इस वीडियो के AI निर्मित होने की 80 प्रतिशत संभावना बताई।

  

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। इसे सनातन धर्म से जोड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 



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