सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि एक ट्रैक्टर तेजी से एक मूर्ति के तरफ आ रहा है और कुछ समय के बाद ही टैक्टर मूर्ति को नीचे गिरा देता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो करीब एक साल पुराना है। वीडियो 2024 में मध्य प्रदेश के उज्जैन बस स्टैंड का है। वहां पर सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। इसी बीच यह घटना सामने आई थी।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बाबा साहेब की प्रतिमा को तोड़ कर देश में राम राज की स्थापना करना चाहते है।
तस्नीम बानो (@Tasneembano1993) नाम की एक एक्स यूजर ने लिखा “तुम बाबा साहेब की प्रतिमाओं को तोड़कर कौन सा राम राज स्थापित करना चाहते हो?? उनके विचार और सोच आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है, वो तुम्हारे रामराज से कहीं ऊंचे हो चुके हैं!”। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो की कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 24 जनवरी 2024 को प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में बस स्टैंड पर सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति को लेकर दो समुदायों के बीच जमकर बवाल हुआ। भीड़ सरदार पटेल की मूर्ति की जगह पर डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने की मांग कर रही थी।
इसके बाद हमने रिपोर्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया था कि मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में गुरुवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को कुछ लोगों ने क्षतिग्रस्त किया। इसके बाद से वहां दो समुदायों के बीच झड़प हुई और पथराव हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉ. भीम राव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने पर अड़े थे और स्थानीय पंचायत कथित तौर पर इस मामले पर चर्चा कर रही थी।
इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। वहां हमें अमर उजाला की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया था कि 25 जनवरी को सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति के लिए दो पक्षों में विवाद हुआ था। पुलिस ने 53 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ है। यह वीडियो एक साल पुराना है।








