पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक भारतीय सेना का जवान लाशों को गोली मारता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने की शुरूआत हो चुकी है। भारतीय जवान घर में घुसकर आतंकियों को मार रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। पड़ताल करने पर हमें पता चला कि वीडियो 2020 से इंटरनेट पर मौजूद है। इस वीडियो का पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बाद की घटना से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को पहलगाम की घटना से जोड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है।
आपको बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत की तरफ से किसी भी सैन्य कार्रवाई की कोई खबर नहीं है। हालांकि सरकार ने कूटनीतिक उपायों की घोषणा की, जिनमें दोनों देशों के बीच मुख्य सीमा को बंद करना, ऐतिहासिक जल-बंटवारा संधि को निलंबित करना, राजनयिकों को निष्कासित करना, तथा कुछ पाकिस्तानी वीजा धारकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश देना शामिल है।
क्या है दावा
इस वीडियो को पहलगाम से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि पहलगाम में हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा बदला लेने की कार्यवाही शुरू हो चुकी है।
शम्मी धीमान नाम के एक फेसबुक यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “आ गया मन को शांत करने वाला सीन नए भारत का बदला शुरू हो गया है। घर घर में घुस कर मारेंगे इनको जय हिंद सेना”
पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें बेस्ट गोर फन नाम की एक वेबसाइट पर यह वीडियो देखने को मिला। वीडियो को 16 अगस्त 2022 में पोस्ट किया गया था। इस वीडियो को पोस्ट करके लिखा गया था “भारतीय सेना ने कश्मीरी आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा”

यहां से यह साफ हो गया कि वीडियो इंटरनेट पर काफी समय से मौजूद है। यह वीडियो हाल ही में इंटरनेट पर पोस्ट नहीं किया गया है।
आगे हमने इस खबर के बारे में और ज्यादा जानने के लिए और सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो इंडियन मिलिट्री इमेज नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर यह वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 18 दिसंबर 2020 को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट को 15 हजार बार देखा जा चुका है।
हमें कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट इस वीडियो के संबंध में नहीं मिली। लेकिन यह वीडियो इंटरनेट पर 2020 से मौजूद है इसका पता हमें इस फेसबुक अकाउंट से चला। इस वीडियो को फिर से 2022 में भी पोस्ट किया गया है। इस वीडियो की जगह और समय बताने के लिए कोई अधिकारिक साक्ष्य मौजूद नहीं है। इसलिए पूरी तरह से यह वीडियो कहां का है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन ये बीत साफ हो गई है कि वीडियो का पहलगाम से कोई भी संबंध नहीं है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को पहलगाम से कोई संबंध नहीं है। वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।








