उदयपुर के कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ इन दिनों चर्चा में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते 10 जुलाई को इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी। कोर्ट ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी सहित तीन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। इन लोगों ने फिल्म पर मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध की मांग की थी। अब सोशल मीडिया पर इसी से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह लोग ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो 3 महीने पुराना है। इसके साथ ही यह वीडियो तमिलनाडु के कृष्णागिरी की है, जहां लोग वक्फ बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म के खिलाफ किए गए प्रदर्शन का है।
एचआर रईस नाम के यूट्यूब यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा “उदयुपुर फाइल्स बायकॉट प्रदर्शन।“ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं। 
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एक इंस्टाग्राम वीडियो मिला। यह वीडियो 17 अप्रैल 2025 को साझा किया गया है। इसके साथ ही इस वीडियो को कृष्णागिरी वक्फ बिल प्रदर्शन के दौरान का बता कर शेयर किया जा रहा है।

इसके बाद हमें इंस्टाग्राम पर अनगल लोकल बॉय नाम के यूजर अकाउंट पर इस से मिलता- जुलता एक वीडियो मिला। यह वीडियो 14 अप्रैल 2025 को शेयर किया है। इस वीडियो में बताया गया है कि कृष्णागिरी में वक्फ बिल खारिज,वक्फ बिल के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन।

इसके बाद हमने वीडियो में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें द हिंदू की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 14 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृष्णागिरि जिला ऑल जमात और जिला उलेमा फेडरेशन ने सोमवार को कृष्णागिरि में वक्फ संशोधन अधिनियम के पारित होने के विरोध में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता केएम कादर मोइदीन के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों ने विपक्षी दलों और मुस्लिम समुदाय के विरोध के बावजूद वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पारित करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की।


इसके बाद हमें द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 14 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि तमिलनाडु में एसडीपीआई, टीएमएमके, सीपीआई, एमजेके, एआईएमआईएम के साथ अन्य राजनीतिक दलों के 1,500 से अधिक सदस्यों ने होसुर में हाल ही में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के खिलाफ प्रदर्शन किया। रैली मदीना मस्जिद के पास से शुरू हुई और राम नगर में समाप्त हुई। बैठक के दौरान, वक्फ संशोधन अधिनियम, नागरिकता संशोधन अधिनियम और अन्य कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किए गए। सदस्यों ने राज्य विधानसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के विरुद्ध प्रस्ताव पारित करने के लिए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का आभार व्यक्त किया।

यहां से साफ होता है कि यह वीडियो तीन महीने पुराना है। इसके साथ ही इस वीडियो का ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म से कोई संबंध नहीं है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडयो को पुराना पाया है। यह वीडियो वक्फ बिल के खिलफ हुए प्रदर्शन के दौरान का है।