Fact Check: विदेश में नाव डूबने के वीडियो को भारत से जोड़कर किया जा रहा फर्जी दावा, पढ़ें पड़ताल
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

Fact Check: विदेश में नाव डूबने के वीडियो को भारत से जोड़कर किया जा रहा फर्जी दावा, पढ़ें पड़ताल

Spread the love


सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, वीडियो करीब 49 सकेंड का है। इसमें दिख रहा है कि एक नदी में नाव चल रही है। नाव में 10-15 लोग सवार हैं, जो अपने साथ मोटरसाइकिल ले कर जा रहे हैं। वीडियो की आखिरी क्ल्पि में देखने को मिलता है कि नाव नदी में डूब जाती है। वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो भारत का है। 

Trending Videos

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस वायरल वीडियो को झूठा पाया है। जांच में पाया कि यह वीडियो करीब दो महीना पहले यानी मार्च का है। यह वीडियो  माद्रे डी डिओस ला पम्पा सेक्टर क्षेत्र की है। 

क्या है दावा 

 वीडियो को शेयर कर दावा किया  जा रहा है कि यह वीडियो भारत का है। जहां एक नाव नदी में डूब गई है।

डॉ  जेबरा फोशाय ( @JebraFaushay) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करके लिखा कि बहुत से लोगों को टाइटैनिक के भारतीय संस्करण के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जो अमेरिकी फिल्म की तरह ही आकर्षक है। दावे की लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

 पड़ताल

वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें फेसबुक पर एन60 नोटिसियास के अकाउंट पर वायरल वीडियो मिला। यह वीडियो करीब दो महीने पहले मार्च मेंं पोस्ट किया गया है। वीडियो का कैप्शन स्पैनिश भाषा में है। ट्रांसलेट से मिली जानकारी के अनुसार पम्पा सेक्टर में कई लोगों को ले जा रही एक नाव अधिक वजन के कारण डूब गयी। हालांकि इस घटना  में किसी को चोट नहीं आई या कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ।

 

इसके बाद हमने  वीडियो के कैप्शन मेंं इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें टीवीपीई नोटिसियास कि रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों और मोटरसाइकिलों को ले जा रही एक नाव अपनी क्षमता से अधिक लोगों को ले जाने के कारण माद्रे डी डिओस के ला पम्पा क्षेत्र में डूब गई। 

 

इसके बाद हमें टीवीपीई नोटिसियास की वीडियो रिपोर्ट मिली। इसमें भी हमें वायरल हो रहा वीडियो देखने को मिला। वीडियो को 11 मार्च 2025 को पोस्ट किया गया था। 

पड़ताल का नतीजा

पड़ताल से साफ है कि वायरल वीडियो झूठा है। यह वीडियो मौजूदा समय से करीब दो महीनें पहले पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही यह वीडियो भारत का भी नहीं है। यह वीडियो माद्रे डी डिओस है। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *