सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि चार लोग घायल हैं और वे लंगड़ाते हुए चल रहे हैं। इनके साथ पुलिस अधिकारियों को भी चलते हुए देखा जा सकता है। चारों लोगों को चोट लगी हुई नजर आ रही है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी के नेता और नगीना से सांसद चंद्रशेखर के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस ने प्रयागराज में दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही योगी सरकार की तारीफ भी की जा रही है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह पता चला यह वीडि़यो राजस्थान के श्रीगंगानगर है। इसमें रंगदारी गैंग पकड़ी गई, 4 बदमाशों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। ये लोग गैंगस्टरों के नाम पर व्यापारियों से रंगदारी मांग रहे थे।
आपको बता दें आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण को प्रयागराज सर्किट हाउस में रोके जाने से 29 जून को करछना में बवाल हो गया था। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने करछना क्षेत्र में जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंची पुलिस टीम पर हमला बोल दिया गया। पुलिस की तीन गाड़ियों समेत एक दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ की गई। 15 बाइकें फूंक दी गईं। पथराव में चौकी प्रभारी समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। घटनाक्रम के अनुसार, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर को कौशाम्बी के लोहंदा गांव जाकर दुष्कर्म पीड़िता बच्ची के परिजनों से मिलना था।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि प्रयागराज में चंद्रशेखर के समर्थकों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
नवीन कुमार जिंदल (@naveenjindalbjp) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “प्रयागराज में दंगा फैलाने वाले चंद्रशेखर रावण के समर्थकों को योगी जी की पुलिस से वही ‘इलाज’ मिल रहा है, जिसके वे हकदार हैं” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें खबर पदमपुर एवं ग्रामीण नाम से एक फेसबुक अकाउंट मिला। यहां इस वीडियो को 5 जून को शेयर किया गया था। इसके साथ ही कैप्शन में बताया गया था कि “श्रीगंगानगर में रंगदारी गैंग पकड़ी गई, 4 बदमाश रंगे हाथों गिरफ्तार। गैंगस्टरों के नाम पर व्यापारी से मांगी जा रही थी 5 लाख की रंगदारी। पुलिस ने लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ी में आए बदमाशों को किया गिरफ्तार। व्यापारी का मुनीम और उसका भतीजा भी निकले साजिश में शामिल। पुलिस ने रकम बरामद की, अन्य आरोपियों की तलाश जारी। डीआईजी गौरव यादव के निर्देश में बड़ी कार्रवाई। श्रीगंगानगर पुलिस की बड़ी कामयाबी शहर में अपराधियों में हड़कंप।”

मामले के बारे मे और अधिक जानने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर हमें गंगानगर पुलिस का एक्स पोस्ट मिला। यहां पुलिस इस मामले से जुड़ी अखबार की एक कटिंग शेयर की थी। इस रिपोर्ट में यह चारों आरोपी मौजूद थे। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “गैंगस्टरों के नाम पर व्यापारी से रंगदारी वसूलने पहुंचे चार बदमाशों को पुलिस ने पांच लाख रुपये की फिरौती रकम सहित दबोचा, श्रीगंगानगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी को गैंगस्टरों के नाम पर जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी मांगने वाले चार खतरनाक बदमाशों को पुलिस ने मंगलवार शाम एक सुनियोजित योजना के तहत रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों से पांच लाख रुपये की फिरौती की रकम भी बरामद की गई है।”

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में पकड़े गए बदमाशों के यूपी में चंद्रशेखर आजाद के कार्यकर्ताओं के पकड़े जाने का भ्रामक दावा शेयर किया जा रहा है।