पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट से एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में एक बिल्डिंग से धुआं निकलता हुआ नजर आ रहा है। साथ ही कुछ पुलिस अधिकारी भी वहां खड़े नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मणिपुर के उग्रवादियों ने इम्फाल स्थित असम राइफल्स मुख्यालय पर हमला किया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। जांच के दौरान मणिपुर में ऐसी हिंसा की कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। पड़ताल में सामने आया कि जो तस्वीर शेयर की जा रही है वह 2017 की है।
क्या है दावा
इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि मणिपुर के उग्रवादियों ने इम्फाल स्थित असम राइफल्स मुख्यालय पर हमला किया।
अदिति राज (@Adiitii_says) नाम के एक एक्स यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा,“मणिपुर के उग्रवादियों ने इम्फाल स्थित भारतीय सेना के असम राइफल्स मुख्यालय पर हमला किया। धुआँ दिखाई दे रहा है, और अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड के माध्यम से इस मामले से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें ऐसी कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें इस दावे से जुड़ी कोई रिपोर्ट हो।
आगे हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस तस्वीर के साथ हमें बीबीसी की 2017 की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कश्मीर में एक अर्धसैनिक शिविर पर हुए आत्मघाती हमले में एक भारतीय सैनिक और तीन आतंकवादी मारे गए। यह हमला श्रीनगर के पास शिविर पर किया गया था। हमला भारतीय बलों को गोलीबारी समाप्त करने में आठ घंटे लगे।
आगे हमें आजतक पर एक और रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट को 2017 में प्रकाशित करके बताया गया था कि श्रीनगर में हवाई अड्डे के नजदीक गोगो हुमहमा इलाके में स्थित BSF कैंप पर आतंकी हमला हुआ है। मंगलवार सुबह करीब 4.30 बजे फिदायीन हमला किया गया, ये हमला BSF की 182 वीं बटालियन पर हुआ है। अभी तक एक आतंकी को मार गिराया है, वहीं सेना के तीन जवान घायल हुए हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि तस्वीर 2017 में कश्मीर में बीएसएफ कैंप पर हुए एक हमले की है। इसे मणिपुर का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।








