एक महिला का खुद को आग लगाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला के शरीर पर आग लगी हुई है, और एक पुलिस अधिकारी उसे बुझाने का प्रयास कर रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एक महिला पुलिस अधिकारी ने सीएम योगी के आवास के बाहर खुद को आग लगा ली। यह महिला पुलिस अधिकारी सीएम से अपने हक और अधिकार की मांग कर रही थी।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो 2020 का है। वीडियो में दिख रही महिला ने विधान भवन के बाहर खुद को आग लगाई थी।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है एक महिला पुलिस अधिकारी सीएम योगी से अपने हक और अधिकार की मांग कर रही थी, जिसके बाद महिला ने खुद को आग लगा ली।
वीरेंद्र यादव (@Virendr26502697) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “मुख्यमंत्री योगी आवास के सामने महिला पुलिस ने लगाई आग जो अपने हक और अधिकार मांग रही थी। ये news आपको दलाल मीडिया मे नहीं दिखाई देगी” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो सचिन गुप्ता नाम के एक एक्स अकाउंट पर देखने को मिला। यहां इस वीडियो को अक्तूबर 2020 में प्रकाशित किया गया था। वीडियो के साथ बताया गया था कि, “उत्तर प्रदेश के लखनऊ में विधानसभा के गेट पर अंजना तिवारी नाम की महिला ने खुद को आग लगा ली। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती। अंजना ने धर्म बदलकर निकाह किया था। अईसा नाम रखा था। पति सऊदी में है। छानबीन में जुटी पुलिस।”
इस वीडियो के बारे में और अधिक जानने के लिए हमने अमर उजाला न्यूज डेस्क से संपर्क किया। हमें 14 अक्तूबर 2020 की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में पता चला कि विधान भवन के सामने 13 अक्तूबर 2020 को खुद को आग लगाने वाली महराजगंज की अंजलि तिवारी उर्फ आयशा की अगले दिन शाम इलाज के दौरान मौत हो गई थी। महिला का कहना था कि पहले पति से संबंध खत्म होने के बाद वह नाम और धर्म बदलकर आसिफ रजा नाम के युवक के साथ अलग घर में रह रही थी। आसिफ सऊदी अरब चला गया तो वह रहने के लिए उसके घर गई, मगर उसके परिवारजनों ने रखने से इनकार कर दिया। महिला ने पुलिस से शिकायत की पर उसे कोई मदद नहीं मिली। वह मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ आ गई। पर, उसे सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने खुद को आग लगा ली।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2020 में महिला द्वारा विधान भवन के पास खुद को आग लगाने का है। इसे अभी का बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।








