FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:  यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए: यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

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फरवरी महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने विदेशी निवेशकों ने ₹22,615 करोड़ के शेयर खरीदे। यह पिछले 17 महीनों में विदेशी निवेश का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले सितंबर 2024 में FPIs ने ₹57,724 करोड़ का निवेश किया था। बाजार जानकारों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील, शेयरों की कीमतों में सुधार और कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा लौटाया है। तीन महीने की भारी बिकवाली के बाद लौटे निवेशक साल 2026 की शुरुआत विदेशी निवेशकों के लिए काफी खराब रही थी। फरवरी में हुई इस खरीदारी से पहले लगातार तीन महीनों तक FPIs ने बाजार से पैसा निकाला था। कुल मिलाकर साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से करीब 18.9 बिलियन डॉलर यानी 1.72 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। इस बिकवाली की मुख्य वजह डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी, ग्लोबल ट्रेड टेंशन और अमेरिकी टैरिफ का डर था। ट्रेड डील और मजबूत अर्निंग्स ने बदला माहौल एंजेल वन लिमिटेड के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट जावेद खान के मुताबिक, फरवरी में इस निवेश के पीछे तीन बड़े कारण हैं… ग्रो म्यूचुअल फंड के CEO वरुण गुप्ता ने बताया कि भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) और यूके के साथ भी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिससे अनिश्चितता कम हुई है। बैंकिंग शेयरों में खरीदारी, IT सेक्टर में बिकवाली सेक्टर के लिहाज से देखें तो विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा पैसा फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर में लगाया है। वहीं दूसरी तरफ IT सेक्टर में बिकवाली जारी है। फरवरी महीने में FII ने IT शेयरों से ₹10,956 करोड़ निकाले हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, एंथ्रोपिक जैसी AI कंपनियों के बढ़ते प्रभाव के डर से निवेशक IT शेयरों को बेच रहे हैं। मार्च में भी निवेश जारी रहने की उम्मीद एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च महीने में भी विदेशी निवेश पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, कुछ चुनौतियां अभी बनी हुई हैं… ……………. ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 कंपनियों में 9 की वैल्यू ₹2.18 लाख करोड़ घटी: एयरटेल टॉप लूजर रही, इसकी वैल्यू ₹55,852 करोड़ घटी; HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 2.18 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। एयरटेल का मार्केट कैप 55,852 करोड़ रुपए घटकर ₹10.71 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC बैंक की मार्केट वैल्यू ₹37,580 करोड़ घटकर ₹13.65 लाख करोड़ पर आ गई। वहीं रिलायंस का मार्केट कैप 34,846 करोड़ रुपए घटकर ₹18.86 लाख करोड़ पर आ गया। पूरी खबर पढ़ें…



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