50 मिनट पहलेलेखक: इंद्रेश गुप्ता
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तेलुगु सिनेमा में ‘RX100’ फेम कार्तिकेय और एक्टर संपूर्णेश बाबू को लॉन्च कराने वाले निर्माता-निर्देशक जे. मोहन कांत ने हाल ही में फिल्म ‘गन्स एंड गैंग्स’ और ‘मिशन 007’ की शूटिंग पूरी की है। आगे उनकी फिल्म ‘उज्जैन’ आ रही है। इन प्रोजेक्ट्स को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की।
सवाल: ‘उज्जैन’ फिल्म बनाने का विचार कैसे आया और उज्जैन शहर को ही क्यों चुना गया?
जवाब: मेरी पिछली फिल्म ‘मिशन 007’ पाकिस्तान-इंडिया पर आधारित थी। इसके बाद मैंने दूसरी फिल्म ‘गन्स एंड गैंग्स’ पर काम शुरू किया। मैं महाकाल का बहुत बड़ा भक्त हूं और अपने बच्चों के साथ दो-तीन बार उज्जैन गया हूं। मुझे लगा कि हमारे तेलुगु और दक्षिण भारतीय लोगों को महाकालेश्वर और उसके आसपास के ऐतिहासिक स्थानों जैसे काल भैरव मंदिर और गणेश जी के मंदिर के बारे में बहुत कम जानकारी है।
यहां तक कि ओंकारेश्वर के बारे में भी ज्यादा लोग नहीं जानते। इसलिए महाकाल की आज्ञा मानकर मैंने इन सभी स्थानों पर केंद्रित एक फिल्म बनाने का फैसला किया। इसका उद्देश्य फिल्म के माध्यम से महाकालेश्वर मंदिर और उसके इतिहास को दिखाना है। यह फिल्म तेलुगु, तमिल और मलयालम तीन भाषाओं में रिलीज की जाएगी।
सवाल: ‘उज्जैन’ का कॉन्सेप्ट क्या है? क्या यह माइथोलॉजी और मॉडर्न स्टोरी दोनों है?
जवाब: यह पूरी तरह मॉडर्न कहानी है, लेकिन इसमें माइथोलॉजी एलिमेंट्स का मिश्रण होगा। कहानी एक ऐसे व्यक्ति पर केंद्रित है जो भगवान को नहीं मानता और हर बात पर तार्किक सवाल उठाता है। उसके तर्कों से कई लोगों को परेशानी होती है। अचानक वह महाकालेश्वर जाता है, जहां एक पुराने शिव मंदिर से जुड़ा पुरातत्व विभाग का मामला सामने आता है। वहां जाने के बाद उसे अपने सभी सवालों के जवाब मिल जाते हैं। फिल्म में यह भी दिखाया जाएगा कि कैसे मुगल सुल्तानों ने दिल्ली से आकर मंदिर को तोड़ने की कोशिश की थी और कैसे समय के साथ यह सब नष्ट नहीं हो सका।

निर्देशक जे. मोहन कांत की फिल्मोग्राफी में फिल्म ‘चमंती’ भी शामिल है।
सवाल: फिल्म के लिए उज्जैन से जुड़ी किस तरह की रिसर्च की गई है?
जवाब: रिसर्च इस बात पर केंद्रित है कि जो महाकालेश्वर मंदिर हम आज देखते हैं, वह अतीत में दिल्ली के मुगल सुल्तानों द्वारा तोड़ दिया गया था। शिवलिंग और शिव जी की मूर्ति को आसपास फेंक दिया गया था। बाद में कई राजाओं ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। वर्तमान मंदिर उससे भी ज्यादा भव्य था, जिसे पूरी तरह तोड़ दिया गया था। साथ ही आसपास के कई मंदिरों का इतिहास भी इसमें शामिल है।
सवाल: ‘उज्जैन’ में टाइटल रोल कौन निभाएगा और शूटिंग कब शुरू होगी?
जवाब: फिल्म का टाइटल ‘उज्जैन’ रजिस्टर्ड हो चुका है। टाइटल रोल वाले हीरो का नाम फिल्म में ‘काल भैरव’ है। फिलहाल कोई बड़ा स्टार कास्ट नहीं है। हम नए कलाकारों को मौका दे रहे हैं। हैदराबाद से चार आर्टिस्ट और टेक्नीशियन आ रहे हैं, जबकि बाकी कलाकारों को भोपाल में स्क्रीन टेस्ट के जरिए चुना जाएगा।
मुख्य किरदारों में आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के दो ऑफिसर, दो पुलिस इंस्पेक्टर, एक कॉन्स्टेबल और महाकाल नाम का एक मुख्य किरदार शामिल है। मैं इंदौर पहुंचकर वहां से उज्जैन जाऊंगा, जहां महाकालेश्वर के आसपास शूटिंग होगी।
सवाल: सिनेमा का कौन सा जॉनर आपको ज्यादा उत्साहित करता है?
जवाब: मुझे इतिहास दिखाना बहुत अच्छा लगता है। बचपन में भी मुझे इतिहास विषय में सबसे ज्यादा मार्क्स मिले थे। अगर कोई इतिहास से जुड़ी बात बताए तो उसकी ज्यादातर बातें मुझे याद रह जाती हैं।
सवाल: साउथ में माइथोलॉजी और मॉडर्न या फ्यूचर एरा के कॉम्बिनेशन वाली स्टोरीटेलिंग पर आपका क्या विचार है?
जवाब: मैं किसी ट्रेंड को फॉलो नहीं करता। जो मेरे मन में आता है, वही फिल्म बनाता हूं। पहले देश के लिए ‘मिशन 007’, फिर फीमेल सेंट्रिक ‘गन्स एंड गैंग्स’ और अब ऐतिहासिक और पौराणिक फिल्म ‘उज्जैन’ बना रहा हूं। मेरी तीनों फिल्मों में 90 प्रतिशत आर्टिस्ट मध्य प्रदेश के स्थानीय टैलेंट रहे हैं। ‘मिशन 007’ में हीरोइन, कैरेक्टर आर्टिस्ट और माता-पिता सभी स्थानीय थे।
‘गन्स एंड गैंग्स’ में भी वही आर्टिस्ट थे। ‘उज्जैन’ के लिए भी मुख्य कलाकार भोपाल में चुने जाएंगे। साथ ही मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने सहयोग का प्रस्ताव दिया है और कहा है कि फिल्म पूरी होने के बाद सब्सिडी भी दी जाएगी।








