भगवान शिव की नगरी में बृहस्पतिवार को उनके 11वें अवतार हनुमत प्रभु के पूजन- अर्चन और आराधना की धूम रही। प्राकट्योत्सव पर चहुंओर हनुमान पताका लहराया। प्रभात फेरी निकाली गई। जय श्रीराम और जय हनुमान के जयघोष गूंजे तो मंदिरों में प्रभु के प्राकट्य पर उल्लास छाए रहे और सोहर गूंजे।
शहर के हनुमान मंदिरों में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। सबसे बड़ी ध्वज यात्रा सुंदरपुर से संकटमोचन मंदिर तक निकाली गई। इस दौरान डमरू वादन से पूरा इलाका गूंज उठा।

ध्वज यात्रा में श्रीराम व शिव दरबार के साथ बाबा के गण भी शामिल रहे। 40 हजार से ज्यादा श्रद्धालु एक लाख से ज्यादा ध्वज लेकर चल रहे थे। मसाननाथ की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

51 महिलाएं आरती कीं और भक्त 1200 गदा लिए थे। वहीं, धर्मसंघ से 15 दिवसीय प्रभातफेरी की पूर्णाहुति पर संकटमोचन मंदिर में हनुमान और श्रीराम जी को रजत ध्वज चढ़ाया गया।








