Japan Earthquake News: जापान में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए है, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.0 मापी गई है। अभी तक इस भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन लोग दहशत में अपने घर से बाहर जरूर निकले हैं। अब जापान में भूकंप आना कोई नई बात नहीं है, इस देश को भूकंप के लिए संवेदशील माना जाता है। लेकिन समय के साथ यहां की सरकार ने ऐसे प्रबंध कर दिए हैं कि भूकंप आने के बाद भी ज्यादा नुकसान की गुंजाइश नहीं होती है।
म्यांमार में भूकंप
वैसे जापान में तो सिर्फ 6 तीव्रता का भूकंप आया है, लेकिन म्यांमार में कुछ दिन पहले एक विनाशकारी भूकंप की वजह से 2700 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, हजारों की संख्या में घायल भी हैं। म्यांमार में ज्यादा चिंता की बात यह है कि यहां रेस्क्यू ऑपरेशन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों में मशीनों का आभाव, राशन की कमी सबसे प्रमुख है।
म्यांमार में इस समय राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी जारी है, इसने भी हालात को ज्यादा विस्फोटक बना दिया है। यानी कि एक तरफ लोग भूकंप की तबाही से परेशान हैं तो दूसरी तरफ गृह युद्ध जैसी स्थिति में चिंताओं को और ज्यादा बढ़ाने का काम किया है।
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म्यांमार में डबल चुनौती
अब म्यांमार में एक और चुनौती यह है कि यहां गरीबी बढ़ती जा रही है। इस गरीबी में भूकंप का आना चुनौतियों को कई गुना बढ़ा चुका है। आंकड़े बताते हैं कि म्यांमार में इस समय आधी आबादी यानी कि 50 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। चिंता की बात यह है कि 2017 में यह आंकड़ा 24 फीसदी के करीब था, यानी कि सेना के कब्जे के बाद से हालात बद से बदतर होते चले गए हैं।
अब भूकंप की मार झेल रहा म्यांमार सियासी रूप से भी कंगाल हो चुका है। असल में म्यांमार में 2021 में तख्तापलट हो गया था, लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को सेना ने हटा दिया था। तख्तापलट के खिलाफ देश में खूब बवाल हुआ, एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी शुरू हुआ। लेकिन सेना ने अपनी हिंसा के जरिए उस विरोध प्रदर्शन को दबाने की पूरी कोशिश की और तभी से हालात बिगड़ते चले गए। म्यांमार की इस दोहरी मार के बारे में और ज्यादा जानने के लिए इस खबर का रुख करें