4 मिनट पहले
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हिंदी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस और सिंगर सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर को 71 साल की उम्र में निधन हो गया है। आज मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर में उनकी प्रेयर मीट रखी गई है, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री से कई लोग शामिल हुए हैं।

बहन सुलक्षणा की प्रेयर मीट में विजयता पंडित बेहद भावुक नजर आईं।

सुलक्षणा पंडित के भाई जतिन पंडित प्रेयर मीट में पहुंचे।

एक्टर अनुपम खेर भी सुलक्षणा पंडित के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

सिंगर उदित नारायण भी प्रेयर मीट में शामिल हुए।

एक्टर जीतेंद्र ने भी प्रेयर मीट में सुलक्षणा के परिवार से मुलाकात की।

रजा मुराद भी इस्कॉन टेंपल पहुंचे।

सीनियर एक्टर रंजीत पत्नी के साथ प्रेयर मीट में शामिल हुए।

एक्टर मुकेश ऋषि सुलक्षणा पंडित के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

सुलक्षणा पंडित की बहन विजयता पंडित और सिंगर आदेश श्रीवास्तव के बेटे कंपोजर अवितेश श्रीवास्तव प्रेयर मीट में पहुंचे।

सुलक्षणा पंडित के भतीजे एक्टर शिव पंडित भी प्रेयर मीट में भावुक दिखे।
6 नवंबर को हुआ सुलक्षणा पंडित का निधन
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सुलक्षणा के भाई ललित पंडित ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। हम उन्हें नानावटी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 7 नवंबर को मुंबई की पवन हंस श्मशान भूमि में हुआ, जिसमें इंडस्ट्री से शबाना आजमी, पूनम ढिल्लन समेत कई लोग उन्हें अंतिम बिदाई देने पहुंचे।

सुलक्षणा पंडित का अंतिम संस्कार 7 नवंबर को हुआ।

शबाना आजमी सुलक्षणा पंडित को श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं।

एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों भी अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं।

सुलक्षणा पंडित का पूरा नाम सुलक्षणा प्रताप नारायण पंडित था। उनका परिवार संगीत से जुड़ा था।
9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था सुलक्षणा पंडित का जन्म 12 जुलाई 1954 को हुआ था। वे एक संगीत से जुड़े परिवार से थीं। उनके चाचा महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज थे। उनके तीन भाई और तीन बहनें थीं। भाइयों में जतिन और ललित मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर हैं। वहीं, उनकी बहन विजयता पंडित अभिनेत्री और पार्श्व गायिका रही हैं।

लता, किशोर रफी के साथ गाने गाए
1967 की फिल्म तकदीर में उन्होंने लता मंगेशकर के साथ मशहूर गीत सात समुंदर पार से गाया था। साल 1975 में फिल्म संकल्प के गाने तू ही सागर है तू ही किनारा के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
उन्होंने किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, येशुदास और उदित नारायण जैसे गायकों के साथ गाने गाए। 1980 में उनका एल्बम जज्बात (HMV) रिलीज हुआ, जिसमें उन्होंने गजलें गाईं।
1986 में उन्होंने लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में फेस्टिवल ऑफ इंडियन म्यूजिक में भी प्रस्तुति दी। उनकी आवाज आखिरी बार 1996 की फिल्म खामोशी: द म्यूजिकल के गाने सागर किनारे भी दो दिल में सुनाई दी, जिसे उनके भाइयों जतिन-ललित ने कंपोज किया था।

1975 से एक्टिंग शुरू की, टॉप एक्टर्स के साथ काम किया
वहीं, सुलक्षणा पंडित का एक्टिंग करियर 1970 और शुरुआती 80 के दशक में अपने शिखर पर था। उस दौर में वे बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने उस समय के लगभग सभी टॉप एक्टर्स के साथ काम किया।
उनका फिल्मी सफर 1975 में फिल्म उलझन से शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने अनिल गांगुली की फिल्म संकोच (1976) में ललिता का किरदार निभाया, जो उपन्यास परिणीता पर आधारित थी।
सुलक्षणा पंडित ने अपने दौर के कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उन्होंने जीतेंद्र के साथ खंजर, संजीव कुमार के साथ उलझन, बजरंग बली (1976) में अभिनय किया।
राजेश खन्ना के साथ भोला भाला और बंधन कच्चे धागों का में स्क्रीन शेयर की। विनोद खन्ना के साथ उनकी फिल्मों में हेरा फेरी और आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा, शशि कपूर के साथ उन्होंने चंबल की कसम और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ अमीरी गरीबी में काम किया था। सुलक्षणा ने अपनापन, खानदान, चेहरे पे चेहरा, धर्म कांटा और वक्त की दीवार जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।

संजीव कुमार के इनकार के बाद कभी शादी नहीं की एक्टर संजीव कुमार के साथ उनके अधूरे रिश्ते ने उनकी जिंदगी पर गहरा असर छोड़ा। आगे चलकर उन्हें सेहत और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कहा जाता है कि सुलक्षणा पंडित, एक्टर संजीव कुमार से बेहद प्यार करती थीं। 1975 में फिल्म उलझन की शूटिंग के दौरान उनका प्यार परवान चढ़ा और उन्होंने संजीव कुमार के सामने शादी का प्रस्ताव रखा।

फिल्म उलझन में संजीव कुमार ने आनंद के. चंद्रा और सुलक्षणा पंडित ने करुणा की भूमिका निभाई थी।
हालांकि, संजीव कुमार ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसका कारण था संजीव का हेमा मालिनी के लिए एकतरफा प्यार। संजीव कुमार हेमा मालिनी से शादी करना चाहते थे, लेकिन हेमा ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। हेमा से मिले दिल के दर्द से संजीव कुमार कभी उबर नहीं पाए।
इधर, संजीव कुमार के इनकार के बाद सुलक्षणा पंडित टूट गईं। उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया और अपना जीवन अकेलेपन में बिताया। संजीव की मौत के बाद, सुलक्षणा मानसिक रूप से अस्थिर हो गईं और कई वर्षों तक अपनी बहन विजयता पंडित के साथ रहीं।
संयोग की बात यह है कि संजीव कुमार का निधन भी 6 नवंबर को हुआ था। उन्होंने साल 1985 में दुनिया छोड़ी थी और ठीक 40 साल बाद, इसी दिन सुलक्षणा पंडित का भी निधन हुआ।
सुलक्षणा पंडित गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं









