बचपन में जो खेल आपने खेले, वो शायद अब नहीं। क्योंकि आज की पीढ़ी मोबाइल में सिमट गई है। कभी दोपहर की धूप में मिट्टी पर क्रिकेट और कबड्डी की आवाज़ें गूंजती थीं, अब वही गलियां सन्नाटे में डूबी हैं। बच्चों की दुनिया अब मैदानों में नहीं, बल्कि मोबाइल की चमकती स्क्रीन में सिमट गई है। […]





