यह चिंता दिनोंदिन गहरी होती जा रही है कि आखिर महिलाओं के प्रति हिंसा और अपराध का मानस क्यों प्रबल होता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में महिला अपराधों के खिलाफ व्यापक आंदोलन उभरने, कानूनी सख्ती और पुलिस की जवाबदेही बढ़ाए जाने के बावजूद बलात्कार, हत्या, मारपीट, छेड़खानी, फब्ती कसने जैसी प्रवृत्ति में कोई […]





