बात 2001 की है। एक 26 साल का नौजवान इंजीनियर आंखों में कुछ अलग करने का सपना लिए एपल के दफ्तर में दाखिल होता है। उसका काम था- मैक कंप्यूटरों की स्क्रीन का डिजाइन तैयार करना। दिन गुजरते गए, आईफोन, आईपैड, एपल वॉच जैसे गैजेट्स दुनिया के सामने आते गए। इन सबके पीछे की हार्डवेयर […]




