डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम:  जब मां-पिता काम पर जाते हैं तो बच्चों की देखभाल कौन करता है‌?
टिपण्णी

डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम: जब मां-पिता काम पर जाते हैं तो बच्चों की देखभाल कौन करता है‌?

डे-केयर में रोता बच्चा डांट नहीं, दुलार मांगता है। उसे आवाज, कोमल स्पर्श, गोद, खिलौना या फिर एक गीत चाहिए। बेंगलुरु से आई खबरों ने इसी भरोसे को तोड़ दिया। रिपोर्टों के अनुसार, कैपजेमिनी के ब्रुकफील्ड परिसर के डे-केयर के वीडियो में दो वर्ष तक के बच्चों को बाथरूम में बंद करने तथा टॉयलेट जेट […]