पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  परछाई पर टिकने की कोशिश न करें, इसके बजाय देह को समझें
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परछाई पर टिकने की कोशिश न करें, इसके बजाय देह को समझें

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Understand Body Beyond Shadow Philosophy 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपनी ही परछाई देखकर खुश होना समझदारी है। उसे देखकर डर जाना नादानी है, क्योंकि परछाई का अस्तित्व देह से है। पर परछाई को ही देह समझ लें तो माया का प्रवेश हो जाता […]