एन. रघुरामन का कॉलम:  हर विषय अपना खुद का ‘लिविंग म्यूजियम’ बना सकता है
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: हर विषय अपना खुद का ‘लिविंग म्यूजियम’ बना सकता है

स्कूली बच्चों के लिए 12वीं कक्षा तक अधिकांश उच्च शिक्षण लगभग अनदेखे ही रहते हैं। आमतौर पर वे एडमिशन के समय ही वहां पहली बार जाते हैं। कल्पना कीजिए कि ये बच्चे 5वीं कक्षा से या उससे भी पहले कॉलेज कैंपस जाने लगें। आप पूछ सकते हैं कि उन्हें क्यों जाना चाहिए? मेरा जवाब होगा, […]