टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: पीड़ा को महसूस करने से ही समझदारी आती है

हममें से कई लोगों ने ऐसी कोई फिल्म या टीवी सीरियल जरूर देखे होंगे, जिनकी कहानियां मेडिकल से जुड़े हालात के इर्द-गिर्द घूमती हैं। इनमें डिलीवरी के बाद मरीज को अचानक से पोस्टपार्टम हैमरेज (पीपीएच) होता है- यानी अत्यधिक ब्लीडिंग, जो जानलेवा हो सकती है। ‘ग्राम चिकित्सालय’ ऐसा ही एक सीरियल है, जिसमें युवा, प्रतिभाशाली […]