पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: यह युग ऐसा है कि सावधानी तो रखें पर संदेह न करें

जीवन में हमारी ऊर्जा को जो बातें पी जाती हैं, उनमें से एक है संदेह। यदि आप अत्यधिक संदेहग्रस्त होते जा रहे हैं तो ये मनोरोग है। लेकिन मनुष्य का स्वभाव है संदेह करना। तो इसे दूर करने के हमारे यहां जो उपाय बताए गए, उनमें से एक है ईश्वर के चरित्र का श्रवण किया […]