हिंदू आख्यान शास्त्रों में कुछ प्राणी भगवान स्वरूप होते हैं तो वहीं कई प्राणी देवताओं के ‘वाहन’ के रूप में जाने जाते हैं। हिंदू धर्म में प्राणियों की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसकी चर्चा हमने पिछले सप्ताह इसी कॉलम में की थी। आज पिछले सप्ताह की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए हिंदू आख्यानों में वर्णित […]
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रसरंग में मायथोलॉजी: दिव्य प्रतीक से देव वाहन तक, हिंदू धर्म में प्राणियों की भूमिका
पंद्रहवीं सदी में सारला दास द्वारा रचित ओड़िया महाभारत में वर्णन मिलता है कि कृष्ण अर्जुन के सामने नवगुंजर नामक प्राणी के रूप में प्रकट हुए थे। नवगुंजर का शरीर मुर्गे, मोर, शेर, बाघ, कूबड़ वाले बैल, हाथी, घोड़े, सांप और मनुष्य के अंगों से मिलकर बना था। इस विलक्षण प्राणी को देखकर अर्जुन दंग […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भजन का एक अर्थ यह भी है कि अन्न का दान और सम्मान करें
Hindi News Opinion Column By Pt. Vijay Shankar Mehta – One Meaning Of ‘Bhajan’ Is Also To Donate And Respect Food. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता यह तो तय है कि भगवान का भजन करो तो क्लेश मिट जाते हैं। अपने भी, दूसरों के भी। वैसे क्लेश का सीधा अर्थ होता है […]
रसरंग में मायथोलॉजी: मातृकाओं से योगिनियों तक, हिंदू धर्म में ऐसी है शक्ति की परंपरा
वेदों में उषस्, वाच् और अरण्यानि जैसी व्यक्तिगत देवियों का उल्लेख मिलता है, जो क्रमशः भोर, वाणी और वन की प्रतीक हैं। इसके बाद पुराणों में लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती का वर्णन मिलता है, जो क्रमशः धन, शक्ति और विद्या का मूर्त रूप हैं। किंतु हिंदू धर्म में देवियों को समूह में पूजने की परंपरा […]
‘भगवान की माला के धागे में थूक लगाते हैं गैर-सनातनी’: देवकीनंदन ठाकुर बोले- दूसरे धर्म के लोग चारधाम में रोजगार के लिए न आएं – Dehradun News
चार धाम यात्रा क्षेत्र में काम करने का दायित्व भी सिर्फ सनातनियों के पास रहना चाहिए। जो गैर-सनातनी हैं, वे यहां रोजगार के लिए भी न आएं। ये कहना है कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का। उत्तराखंड में दैनिक भास्कर एप से बातचीत के दौरान उन्होंने केदारनाथ-बद्रीनाथ में गैर सनातियों की एंट्री को चिंताजनक बताया है। उन्होंने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नववर्ष आध्यात्मिक साधना के लिए बहुत सहयोगी है
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: New Year Spiritual Practice Supportive 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बातों को देव कृपा और देव प्रकोप मानना बंद करना चाहिए। बाढ़ आती है, हमारा कुछ नुकसान होता है, शरीर बीमार होता है तो हम कह देते हैं कि भगवान की इच्छा है। […]







