न्याय-तंत्र में एक खास तरह का आत्मविश्वास होता है, जो उसे जीवन के बड़े सवालों पर फैसला सुनाने में सक्षम बनाता है। इसमें न झिझक होती है, न कोई आत्मसंदेह, बल्कि उस व्यक्ति जैसी निर्णायकता होती है, जिसने अपने सामने आई याचिकाओं को अच्छे से पढ़ लिया हो और दलीलों पर सावधानी से विचार कर […]





