शेखर गुप्ता का कॉलम:  क्या अब राजनीति में मुसलमान हाशिये पर हैं?
टिपण्णी

शेखर गुप्ता का कॉलम: क्या अब राजनीति में मुसलमान हाशिये पर हैं?

करीब सात साल पहले मैंने एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक था : ‘क्या मुसलमान भाजपा के लिए कोई अहमियत रखते हैं?’ हाल के राज्यों के चुनाव नतीजे- खासकर बंगाल और असम के- जहां मुस्लिम वोटरों की आबादी 30% से ज्यादा है- दिखाते हैं कि यह मुद्दा अब और बड़ा हो गया है। राजनीतिक तौर […]