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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सींग में आक्रमण है और पूंछ में सुरक्षा, दोनों का महत्व है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Tulsidas Philosophy On Life & Success 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता किसी बात को मुहावरे में समझाने में तुलसीदास जी को महारत हासिल थी। गरुड़ जी से बात करते हुए उन्होंने कहा था- रामचंद्र के भजन बिनु जो चह पद निर्बान, ज्ञानवंत अपि सो […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सींग में आक्रमण है और पूंछ में सुरक्षा, दोनों का महत्व है

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Tulsidas Philosophy On Life & Success 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता किसी बात को मुहावरे में समझाने में तुलसीदास जी को महारत हासिल थी। गरुड़ जी से बात करते हुए उन्होंने कहा था- रामचंद्र के भजन बिनु जो चह पद निर्बान, ज्ञानवंत अपि सो […]

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एन. रघुरामन का कॉलम: आजादी का आनंद तभी मिलता है, जब आप जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हैं

Hindi News Opinion N Raghuraman Column | Freedom Comes With Responsibility & Life Lessons 3 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु 1978 में मैं बॉम्बे (अब मुंबई) की रोश फार्मास्यूटिकल्स में अपनी पहली जॉब ऑफर के मेडिकल टेस्ट में फेल हो गया था। मैं घबरा गया, क्योंकि नौकरी मिलने से पहले ही मेरे […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मेहनत हमें करनी है, लेकिन इसकी ताकत ऊपर वाला देगा

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Power Of Hard Work And Prayer In Life 11 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दो तरह की आंधियां जीवन में आती हैं- एक है ‘आई-गई’ आंधी और दूसरी ‘आई-ले गई’ आंधी। आई-गई आंधी मतलब आई, चली गई, आपको कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन कुछ आंधियां […]

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मेहनत हमें करनी है, लेकिन इसकी ताकत ऊपर वाला देगा

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Power Of Hard Work And Prayer In Life 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दो तरह की आंधियां जीवन में आती हैं- एक है ‘आई-गई’ आंधी और दूसरी ‘आई-ले गई’ आंधी। आई-गई आंधी मतलब आई, चली गई, आपको कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन कुछ आंधियां […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  दूसरों का फायदा उठाने में माहिर लोगों से बचना जरूरी है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दूसरों का फायदा उठाने में माहिर लोगों से बचना जरूरी है

पिछले दिनों जेन-जी ने ऐसा युद्ध लड़ा, जिसमें कई परिभाषाएं बदल गईं। अविश्वसनीय, अकल्पनीय साकार हो गया। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए- इस कहावत में दुनिया शब्द को समझना होगा। दुनिया बड़े अजीब ढंग से बनी है। कभी-कभी लगता है झुक गई पर सीधे खड़ी रहती है। और कभी लगता है सीधे खड़ी है […]

एन. रघुरामन का कॉलम:  चीजों को फेंकने से पहले खुद से पूछें कि वे क्या कहानी संजोए हैं
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एन. रघुरामन का कॉलम: चीजों को फेंकने से पहले खुद से पूछें कि वे क्या कहानी संजोए हैं

जुलाई 1969 में जब इंसान ने पहली बार चांद पर कदम रखा तो पूरी दुनिया ने हैरत के साथ यह पल देखा था। नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन चांद की सतह पर उतरे। लेकिन इतिहास जहां इस मूनवॉक को सेलिब्रेट करता है, वहीं बहुत कम लोग इसके बाद आए जीवन-मरण के एक संकट के बारे […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  संतुलित, मीठे और अर्थपूर्ण शब्द बोलें तो ये भी पूजा है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: संतुलित, मीठे और अर्थपूर्ण शब्द बोलें तो ये भी पूजा है

विवेकानंद कहते थे आपके शब्द आपके व्यक्तित्व के प्रतिनिधि हैं। वैसे तो आदमी आजकल ये कला सीख गया है कि बनाकर बात कैसे करना। तो भीतर कुछ और चल रहा है और बाहर बहुत मीठे शब्द बोले जा रहे हैं। लेकिन लंबे समय ऐसा चलता नहीं है। तो अध्यात्म कहता है- जो बोलो, दिल से […]