नवनीत गुर्जर का कॉलम:  सुखों के साथ अयोध्या ने कई दारुण दु:ख भी देखे हैं
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: सुखों के साथ अयोध्या ने कई दारुण दु:ख भी देखे हैं

Hindi News Opinion Ayodhya Temple Theft Controversy: Navneet Gujars Column On Citys Joys & Sorrows 6 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर देशभर में हल्ला है। राम मंदिर का। और मंदिर की दानपेटी से चोरी का। कोई कह रहा है- बड़े-बड़ों को छोड़ दिया है। छोटों पर कार्रवाई की जा रही है। सरकार का कहना […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  आज की राजनीति और बिखरती पार्टियां
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: आज की राजनीति और बिखरती पार्टियां

तर्क का अंत हो गया है। बुद्धि थक गई है। राजनीति की निर्णय-क्षमता पंगु हो गई है। इसलिए, सिर्फ इसलिए, हठ पर विजय नहीं मिल पा रही। एक वीरप्पन सालों-साल लोगों को मारता रहता है और राजनीति यह होने देती है। नक्सलवादी हमें भीतर तक चीरते रहते हैं, और सरकारें यह देखती रहती हैं। राजनीति […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  हे सरकार! खन्दक से निकली हो या पाताल से?
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: हे सरकार! खन्दक से निकली हो या पाताल से?

Hindi News Opinion Navneet Gurjar’s Column: Oh Government! Have You Emerged From A Trench—or From The Netherworld? 1 घंटे पहले कॉपी लिंक नवनीत गुर्जर भले कुछ दिन ही रहा, लेकिन युद्ध विराम देखकर लग रहा था, कोई समाधान निकलने वाला है। तेल और गैस संकट से लगातार जूझ रही दुनिया को कुछ राहत मिल सकेगी। […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  सूरज के रौद्र रूप के बीच नेताओं का नाटक
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: सूरज के रौद्र रूप के बीच नेताओं का नाटक

देशभर में इन दिनों गर्मी चल रही है… और नाटक भी। गर्मी इसलिए कि ज्यादातर राज्यों में तापमान चालीस डिग्री से ऊपर है। कूलर सारे मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं। कही-कहीं एसी भी हांफ रहे हैं। सूरज सातवें आसमान पर है। शाम छह बजे बाद तक पारा 39 डिग्री के लगभग रहता है। सड़कें […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  जब गांव हमारे साथ होगा, जीवनशैली साधारण होगी तो चिंता भी कम होगी
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: जब गांव हमारे साथ होगा, जीवनशैली साधारण होगी तो चिंता भी कम होगी

पीढ़ियों के आंगन को चूल्हे में डालो! रसोई की मिठास, आस-पड़ोस के रिश्तों को टोकरी में रक्खो… और बच्चों को कमर में बांधकर चढ़ो किसी ऊंचे पुल या मीनार पर। शहर में महंगाई आई है! सोना आप खरीद नहीं सकते। तेल आप खर्च नहीं कर सकते। वर्क फ्रॉम होम आपको कोई दे नहीं रहा। आखिर […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  बंगाल के वोटरों का सूरज से मुकाबला
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: बंगाल के वोटरों का सूरज से मुकाबला

बड़ी गर्मी है। तेज। कड़क। इतनी कि इस तेज धूप और गर्मी के चलते आसमान भी लाचार है। उसकी भी कनपटियों के नीचे के बाल पक चुके हैं! जैसे नानी बाई के मायरे में जिन-जिन लोगों, रिश्तेदारों ने कपड़े-लत्तों के लिए ताने मारे थे, श्रीकृष्ण ने उन सब के माथों पर गठरियां-पोटलियां दे मारी थीं, […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  बंगाल में चुनाव और होर्मुज में महाभारत!
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: बंगाल में चुनाव और होर्मुज में महाभारत!

बंगाल में चुनाव हैं और होर्मुज में महाभारत। ममता बनर्जी मान नहीं रही हैं। भाजपा पूरा जोर लगा रही है। उधर होर्मुज (जलडमरूमध्य) में न ईरान हार मानने को तैयार है, न अमेरिका। इजराइल और ईरान के झगड़े में अमेरिका को बहुत कुछ मिल नहीं पा रहा है। वैसे ही जैसे बंगाल में ममता और […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  अमेरिका फंस गया है और किसी तरह युद्ध के मैदान से निकलने के रास्ते तलाश रहा है‎
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: अमेरिका फंस गया है और किसी तरह युद्ध के मैदान से निकलने के रास्ते तलाश रहा है‎

पिछले दिनों दो बड़े धमाके हुए। एक ईरान में। दूसरा नीतीश कुमार को लेकर! नीतीश कुमार को सरेंडर करना पड़ा। ईरान अब भी मान नहीं रहा है- अपने सुप्रीम लीडर की मौत के बावजूद। दरअसल, क्षेत्रीय ताकतें जल्दी हार नहीं मानतीं। चाहे वो देश के स्तर पर हों या राजनीतिक स्तर पर। नीतीश कुमार की […]

नवनीत गुर्जर का कॉलम:  ट्रम्प, टैरिफ और ककनूसी कांग्रेस
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नवनीत गुर्जर का कॉलम: ट्रम्प, टैरिफ और ककनूसी कांग्रेस

ट्रम्प और टैरिफ। जमाना हैरान है। भारत भी। बात यह है कि अमेरिका इन दिनों दुनिया में अपनी थानेदारी का रौब जमाना चाहता है। बल्कि जमा रहा है। 1919 से 39 की दुनिया में ब्रिटेन एक महाशक्ति था, लेकिन निर्द्वंद्व नहीं। उसके बाजू में फ्रांस था, जर्मनी और इटली थे, सोवियत संघ था। ग्लास्तनोस्त ने […]