ज्यादातर पैरेंट्स, चाहे उच्च शिक्षित हों या नहीं, अकसर बच्चों को समझाते हैं कि ‘अच्छे संस्कारों में कुछ खर्च नहीं होता।’ लेकिन हाल ही में जेन-जी ने मुझे सिखाया कि ‘ये विनम्र शब्द इस्तेमाल करने की कीमत शायद धरती को चुकानी पड़ती है।’ सोच रहे हैं इसका क्या मतलब है? तो आगे पढ़िए। यह सबक […]
Tag: parenting
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: नई पीढ़ी को लेकर माफ करने की आदत बनाइए
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Cultivate Forgiveness For New Generation 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कारोबार की दुनिया में जो थोड़े अनुभवी हैं, उम्रदराज हैं, वो शिकायत करते हैं कि नई पीढ़ी के काम करने का ढंग परेशान कर रहा है। नौकरियां तो लोग ऐसे बदलते हैं, जैसे मूंगफली […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: धार्मिक रुझान तो बढ़ा है, आध्यात्मिक जागरण भी हो
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Religious Trend & Spiritual Awakening 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता बाजार की दुनिया में कहा जाता है कि दुनिया संतानों का अर्थशास्त्र है। इसीलिए बाजार ने बच्चों, युवाओं और महिलाओं को योजनाबद्ध ढंग से अपना उपभोक्ता बनाया और धीरे-धीरे ये उपभोक्ता बाजार का सामान […]
दिल्ली में 10वीं मंजिल से गिरकर बच्ची की मौत: उठने के बाद मां को तलाश रही थी; लोगों बोले-जाली होती तो जान बच जाती – New Delhi News
राजधानी के साउथ ईस्ट जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। कालकाजी एक्सटेंशन स्थित आशा किरण अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों में इस […]
एन. रघुरामन का कॉलम: पिता कब आपके अच्छे दोस्त बन जाते हैं?
बचपन में, मैं कभी उनके बैठने से पहले नहीं बैठता था। इसलिए उस दिन जब वे मेरे बाद बैठे, तो यह कुछ अजीब-सा लगा। लेकिन कोई विकल्प नहीं था। मुझे अपनी पहली कार- एक सेकंड-हैंड फिएट पार्किंग से निकालकर उनके पास लानी थी। उन्होंने अपना हाथ कार की छत पर ऐसे रखा, जैसे उसे आशीर्वाद […]
एन. रघुरामन का कॉलम: पिता कब आपके अच्छे दोस्त बन जाते हैं?
बचपन में, मैं कभी उनके बैठने से पहले नहीं बैठता था। इसलिए उस दिन जब वे मेरे बाद बैठे, तो यह कुछ अजीब-सा लगा। लेकिन कोई विकल्प नहीं था। मुझे अपनी पहली कार- एक सेकंड-हैंड फिएट पार्किंग से निकालकर उनके पास लानी थी। उन्होंने अपना हाथ कार की छत पर ऐसे रखा, जैसे उसे आशीर्वाद […]
आलिया भट्ट ने बेटी राहा को बताया फिल्मी:बोलीं- उसे डांस और गाने बहुत पसंद हैं, वह स्टेज के लिए ही बनी है
एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में अमृत रत्न समिट के दौरान अपने बचपन और बेटी राहा पर खुल कर बात की है। आलिया ने बताया कि बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का शौक था और वह आईने के सामने घंटों परफॉर्मेंस दिया करती थीं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनकी बेटी राहा भी […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन निरंकुश हो तो परिजनों से हमारे संबंध खराब हो जाते हैं
हमारा मन जहां चाहे, जैसे चाहे, खुद भी दौड़ता है और हमें भी भटकाता है। किसी व्यक्ति-परिस्थिति को देखकर ऐसी लंबी छलांग लगाता है कि हम खुद ही परेशान हो जाते हैं। जब हमारा मन गृहस्थी में निरंकुश होता है, तब परिजनों से हमारे संबंध खराब हो जाते हैं। हमारी सोच निगेटिव हो जाती है, […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?
शुक्रवार को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्ने पर शीर्ष वरीयता प्राप्त जानिक सिनर की तस्वीर छपी थी, जिन्हें फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसकी वजह यह नहीं थी कि उन्होंने पिछले दिन कोई मैच जीता था, बल्कि यह थी कि वे विश्व रैंकिंग में 56वें स्थान पर मौजूद […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या आप कामकाजी महिलाओं के दोहरे बोझ को कम करने के बारे में सोच रहे हैं?
शुक्रवार को अधिकांश अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्ने पर शीर्ष वरीयता प्राप्त जानिक सिनर की तस्वीर छपी थी, जिन्हें फ्रेंच ओपन जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन इसकी वजह यह नहीं थी कि उन्होंने पिछले दिन कोई मैच जीता था, बल्कि यह थी कि वे विश्व रैंकिंग में 56वें स्थान पर मौजूद […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने भीतर ही एक नायक को रचने की तैयारी करें
पहले इंसान बनाने का काम माता-पिता, गुरुजन और समाज द्वारा किया जाता था। यह अभी भी चल रहा है, लेकिन सावधानी नहीं रखी तो इंसान बनाने का काम मशीन हाथ में ले लेगी। इसलिए टेक कंपनियों के कार्यों पर आध्यात्मिक फिल्टर लगाने का समय आ गया है। हमारी संस्कृति में परमात्मा ने एक अनूठा प्रयोग […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मां के हाथ के भोजन में होते हैं स्मृति, प्रेम और पवित्रता
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Maa Ke Haath Ka Khana | Memory, Love, Purity 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अपनी हैसियत के बाहर जाकर बच्चों के भविष्य के लिए कुछ करना आज भारतीय माता-पिता की जीवनशैली बन गया है। वहीं सरकार में बैठे लोग अपनी हरकतों से बच्चों के सपनों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बदलते समय में परिवारों का आधार परमात्मा होना चाहिए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta: Family Base Should Be Parmatma In Changing Times | Yoga 6 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कुछ बातों ने बाहर का जीवन तो दूभर कर ही दिया है- शोर, शराबा, शराब, शान, शौकत। इनके कारण बाहर की दुनिया बड़ी विचित्र-सी और बेचैन करने वाली हो गई। एक […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या बच्चों में उग्रता रोकने के लिए हमें सजा को शुगरकोट करना चाहिए?
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Should We Sugarcoat Punishment To Curb Aggression In Children? 8 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु हम सभी ने बचपन में जरूर सुना होगा कि ‘बेंच पर खड़े हो जाओ।’ यह आम सजा थी। इससे थोड़ी सख्त थी, ‘क्लास के बाहर खड़े रहो।’ खासकर, जब हम उस […]
एन. रघुरामन का कॉलम: कम से कम मदर्स डे पर तो मां के ‘निर्णय लेने के बोझ’ को कम कीजिए
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: At Least On Mother’s Day, Lighten Mom’s ‘Burden Of Decision Making’ 51 मिनट पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु ‘बेटा, गुड़िया का बाथरूम इस्तेमाल मत करो। तुम उसे गंदा छोड़ देते हो और उसे यह अच्छा नहीं लगता,’ मां रसोई से आवाज लगाकर कहती हैं, फिर भी बेटा […]
एन. रघुरामन का कॉलम: क्या स्मार्ट क्लासेस या स्मार्ट होम्स बच्चों में देखने की लत बढ़ा रहे हैं?
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Are Smart Classes Or Smart Homes Fueling A ‘Viewing Addiction’ In Children? 5 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु ‘इफ देअर आर फैट कैट्स इन योर कॉलोनी, यू नीड टु चेक योर ड्रेनेज सिस्टम’- यह एक रूपक है, जिसे मुथुस्वामी नारायण ने अपनी किताब ‘सक्सेस थ्रू ऑपोजिट्स’ […]
एन. रघुरामन का कॉलम: अपने वयस्क बच्चे को आप क्या देना चाहते हैं– सीख या लग्जरी
यह 1978 का साल था। भारत के अंधेरे सिनेमाघरों में ‘डॉन’, ‘त्रिशूल’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में ‘एंग्री यंग मैन’ अमिताभ बच्चन छाए हुए थे। लेकिन 18.5 वर्ष की उम्र में मेरे लिए असली ड्रामा सिल्वर स्क्रीन पर नहीं, घर के ड्रॉइंग रूम में चल रहा था। पहली सैलरी मिलने के सिर्फ […]
सोनम कपूर ने शेयर की न्यू-बॉर्न बेबी की पहली तस्वीर:बोलीं- जिंदगी एक सपने जैसी है; पति आनंद और बड़े बेटे वायु भी साथ दिखे
बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर ने अपने दूसरे बेटे के जन्म के कुछ हफ्तों बाद सोशल मीडिया पर फोटोज का एक कलेक्शन शेयर किया है। इसमें उनके नए जन्में बेटे की तस्वीर भी शामिल है। इन तस्वीरों में सोनम ने अपने बढ़ते हुए परिवार की झलक दिखाई है, जिसे वह प्यार से ‘माई थ्री’ (मेरे तीन) […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति को छेड़ेंगे तो वह अपना विपरीत ही आपको सौंपेगी
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Natures Repercussions On Youth & Gender Identity 40 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता देर रात की पार्टियां अब महंगी पड़ रही हैं। इनमें नशे का खेल चल रहा है। मौज-मस्ती की आड़ में आनंद अनैतिक होता जा रहा है। नई पीढ़ी के बच्चे, जो रात […]
एन. रघुरामन का कॉलम: हमारे आसपास कुछ नि:स्वार्थ व समझदार लोगों का क्यों होना जरूरी है
Hindi News Opinion N. Raghuraman’s Column: Why It Is Essential To Have Selfless And Sensible People Around Us 4 घंटे पहले कॉपी लिंक एन. रघुरामन मैनेजमेंट गुरु लीवेई ने अपने बच्चों के लिए सब कुछ दे दिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत की ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। उन्होंने अपना आराम छोड़ा, ताकि […]
एन. रघुरामन का कॉलम: पक्के इरादे का बीज आपको त्याग से सफलता तक ले जाता है
सफलता उन्हीं को मिलती है, जो समाज के तानों, शारीरिक सीमाओं या अनजान चीजों के डर से नहीं डिगते। यहां दो उदाहरण पेश हैं। 1. ईश्वर ने हर प्रजाति की मां को शक्ति दी है कि वह अपनी भूख पर काबू करके बच्चों को खिला सके। इंसान इसमें सबसे आगे हैं। चाहे वे बहुत भूखे […]
एन. रघुरामन का कॉलम: वैश्विक मुुद्दों पर बच्चों से कैसे बात करें?
स्कूल बस स्टॉप पर खड़े होकर, फोन स्क्रॉल करते हुए भले ही आप दूसरों को व्यस्त होने का आभास कराएं, लेकिन कान खुले रखिए ताकि सुन सकें कि स्कूल जाने वाले हमारे बच्चे बीते एक हफ्ते से क्या बात कर रहे हैं। सभी नहीं तो कम से कम कुछ बड़े बच्चे तो तीसरे विश्व युद्ध […]
डॉ. चन्द्रकान्त लहारिया का कॉलम: अपने बच्चों को सुरक्षा जरूर दें लेकिन चुनौतियों से डरें नहीं
हाल के दिनों में जापान से ‘पंच’ नामक एक बंदर के वीडियो लगातार वायरल हुए हैं। यह 7 महीने का मकाक बंदर है, जिसे एक चिड़ियाघर में रखा गया है। उसकी मां ने उसे त्याग दिया था और अन्य बंदर उसे तंग कर रहे थे। उसको दु:खी देखकर चिड़ियाघर संचालक ने उसे एक सॉफ्ट टॉय […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: माता-पिता बच्चों के निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाएं
इन दिनों अपने बच्चों के लालन-पालन में कुछ अधिक ही अलर्ट माता-पिता उनसे अत्यधिक पूछताछ करते हैं और टोका-टाकी करते रहते हैं। इस चक्कर में वो भूल जाते हैं कि बच्चों के मनोविज्ञान पर विपरीत असर पड़ रहा है। कुछ माता-पिता तो भोजन के समय भी बच्चों को इतने अधिक विकल्प दे देते हैं कि […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं
दुनिया के सारे ही चिराग रोशनी देने के साथ-साथ धुआं भी उठाते हैं। प्रकाश पाना चाहते हैं तो धुएं की तैयारी भी रखिए। केवल सूर्य का प्रकाश ऐसा है, जिसमें धुआं नहीं होता। और उसमें जो तपिश है, वो भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बन जाती है। इन दिनों हमारे हाथ में एक चिराग है, […]



























