आरती जेरथ का कॉलम:  संसद सुचारु रूप से चले, यह आखिर किसकी जिम्मेदारी?
टिपण्णी

आरती जेरथ का कॉलम: संसद सुचारु रूप से चले, यह आखिर किसकी जिम्मेदारी?

लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वालों के लिए यह देखना बहुत पीड़ादायक रहा है कि बजट सत्र में निरंतर हंगामे के बीच संसद की सम्मानित परम्पराएं टूटती रहीं। नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री नहीं हैं, जिन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का पारम्परिक उत्तर नहीं देने दिया गया हो। 2004 में मनमोहन सिंह को […]