रसरंग में चिंतन:  मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना
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रसरंग में चिंतन: मनुष्य के लिए मुश्किल है ऋतुओं से दूर रहना

इन दिनों मैं वसंत ऋतु में ही डूबा हुआ हूं। इसके वैभव को अनुभव कर रहा हूं। हम सबने अनुभव किया होगा कि इन दिनों प्रकृति के कण-कण से सुगंध फैल रही है। पूरे वातावरण में महक व्याप्त हो गई है। ऐसे में वसंत का एक अनोखा रूप हमारे सामने होता है, जो मन को […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  धर्म को योग से जुड़ना पड़ेगा, इस युग में ये बहुत जरूरी है
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Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta: Religion Needs Yoga | Modern Era Essential 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता एक बहुत गहरी बात है कि पागलपन पूजा बन जाए तो ठीक है। लेकिन पूजा पागलपन नहीं बननी चाहिए। इस दर्शन को हमारे संतों ने अच्छे-से समझा था। भक्तिकाल के जितने महात्मा हुए, […]