रीतिका खेरा का कॉलम:  सार्वजनिक सड़कों पर निजी गाड़ियों का डेरा डालना कितना सही?
टिपण्णी

रीतिका खेरा का कॉलम: सार्वजनिक सड़कों पर निजी गाड़ियों का डेरा डालना कितना सही?

चूंकि घर और दफ्तर के बीच की दूरी कम है, इसलिए मैं साइकिल से ही काम पर जाती हूं। लेकिन दक्षिणी दिल्ली के अरबिंदो मार्ग और हौज खास मार्केट- जहां हम मान सकते हैं कि नियम-कानून का पालन अन्य शहरों की तुलना में ठीक ही होगा- वहां भी पढ़े-लिखे अमीर गाड़ीवालों का व्यवहार अचंभित करता […]