प्रियदर्शन का कॉलम:  एक युद्ध से निकलकर दूसरे की ओर चली जाती मनुष्यता
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प्रियदर्शन का कॉलम: एक युद्ध से निकलकर दूसरे की ओर चली जाती मनुष्यता

अपनी कविता ‘युद्ध नायक’ में श्रीकांत वर्मा लिखते हैं- ‘अभी / कल ही की तो बात है / ढाका / एक मांस के लोथड़े की तरह / फेंक दिया गया था / युद्ध कब शुरू हुआ था हिन्द-चीन में? / हृदय में दो करोड़ साठ लाख घाव लिए / वियतनाम / बीसवीं सदी के बीच […]

प्रियदर्शन का कॉलम:  हिंदी और उर्दू सगी बहनें हैं, इन्हें सौतेलेपन से बचाएं
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प्रियदर्शन का कॉलम: हिंदी और उर्दू सगी बहनें हैं, इन्हें सौतेलेपन से बचाएं

Hindi News Opinion Priyadarshan Column: Hindi & Urdu Are Sisters, Save Them From Step Parenting 6 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रियदर्शन लेखक और पत्रकार बीते हफ्ते जयपुर साहित्य समारोह के दौरान जावेद अख्तर ने उर्दू और भाषाओं की राजनीति पर बात करते हुए ठीक ही कहा कि भाषाओं को धार्मिक आधार पर बांटा नहीं जा […]