पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  हमें यह सीखना चाहिए कि संतत्व का मजाक न बनाएं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमें यह सीखना चाहिए कि संतत्व का मजाक न बनाएं

Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column We Must Learn Not To Make Fun Of Sainthood 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता समाज का आचरण इन दिनों ऐसा हो गया है कि साधु को अत्यधिक सावधानी रखनी पड़ेगी। धर्म में राजनीति आएगी तो राजनीति के दोष भी आएंगे। लेकिन जब भी ऐसा हो […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Character Priority Lost, People Focused On Body 53 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में तीन ही समस्याएं हैं। पहली, पैसा होना या न होना। दूसरी, पुरुष के जीवन में स्त्री का होना या न होना। और तीसरी, स्त्री के जीवन में पुरुष का होना या […]

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: चरित्र अंतिम प्राथमिकता बना इसलिए लोग देह पर टिक गए

Hindi News Opinion Vijay Shankar Mehta Column: Character Priority Lost, People Focused On Body 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में तीन ही समस्याएं हैं। पहली, पैसा होना या न होना। दूसरी, पुरुष के जीवन में स्त्री का होना या न होना। और तीसरी, स्त्री के जीवन में पुरुष का होना या […]

लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स:  अपने चारों ओर ऐसे लोग रखें, जो आपको खुशी दें – कार्ल मार्क्स
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लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स: अपने चारों ओर ऐसे लोग रखें, जो आपको खुशी दें – कार्ल मार्क्स

4 घंटे पहले कॉपी लिंक कार्ल मार्क्स जर्मन दार्शनिक, वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे। उनकी प्रसिद्ध किताबें ‘द कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ व ‘दास कपिटल’ हैं। 1. मैं कुछ भी नहीं हूं, लेकिन मुझे सब कुछ बनना है। 2. कट्टर होना मतलब चीजों को जड़ से समझना। 3. तर्क हमेशा से मौजूद रहा है, लेकिन हमेशा तर्कसंगत […]