एन. रघुरामन का कॉलम:  कॅरिअर काउंसलिंग से परे क्यूरियोसिटी काउंसलिंग की ओर कदम बढ़ाने चाहिए
टिपण्णी

एन. रघुरामन का कॉलम: कॅरिअर काउंसलिंग से परे क्यूरियोसिटी काउंसलिंग की ओर कदम बढ़ाने चाहिए

आठवीं कक्षा से ही हर अकादमिक सत्र में क्लास टीचर एक ही सवाल पूछती थीं कि ‘बड़े होकर क्या बनना चाहते हो?’ लड़का एक ही जवाब देता, ‘अभी नहीं जानता।’ जबकि सहपाठियों की महत्वाकांक्षा पहले से तय थीं- डॉक्टर, इंजीनियर, पायलट या बैंकर। यह लड़का हमेशा ‘अन-डिसाइडेड’ ही रहता था। टीचर को लगता था कि […]